India-EU Free Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच 18 साल के लंबे इंतजार के बाद फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर आज 27 जनवरी, 2026 को सहमति बन गई है। इस ऐतिहासिक डील पर दोनों ही पक्षों ने आधिकारिक ऐलान कर दिया है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “मदर ऑफ ऑल डील” (Mother of All Deals) का नाम दिया है। बताया जा रहा है कि इस समझौते से भारत और यूरोपीय संघ (India–EU Free Trade Deal) के आर्थिक रिश्ते को एक नई ऊंचाई मिलेगी।
आम जनता पर डील का असर
खबरों के मुताबिक, इस भारत और यूरोपीय संघ की डील (India and European Union deal) का असर देश की आम जनता पर भी देखने को मिला है। बताया जा रहा है कि यह डील सीधे तौर पर लोगों की जेब पर असर डाल सकती है। क्योंकि बताया जा रहा है कि इससे रोजमर्रा की जरूरी चीजें (Daily Essentials) जैसे कि- केमिकल्स, दवाइयों, मशीनरी, शराब, खाद्य उत्पाद और कई अन्य चीजें सस्ती हो सकती हैं। इसके अलावा इसका असर कार और अन्य वाहनों पर भी देखने को मिल सकता है।
India–EU फ्री ट्रेड डील क्या है?
India–EU फ्री ट्रेड डील एक तरह का समझौता है, जिसे भारत और यूरोपीय संघ ने एक-दूसरे के उत्पादों पर लगने वाले भारी-भरकम टैरिफ (आयात शुल्क) को कम करने या पूरी तरह खत्म करने पर अपनी-अपनी सहमति जताई है। यूरोपीय संघ के मुताबिक, भारत को निर्यात किए जाने वाले 90% से ज्यादा सामानों पर शुल्क या तो खत्म हो जाएगा या फिर भुगतान की राशि बेहद कम कर दी जाएगी।
वही, इस डील से भारतीय बाजार में निर्यात में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। ऐसे में देश को इसका सीधा फायदा मिलेगा, क्योंकि ऐसा करने से भारतीय उत्पादों की पहुंच यूरोपीय बाजार तक आसान होगी।
Co-chaired the 16th India-EU Summit with European Council President António Costa and European Commission President Ursula von der Leyen.
Held productive discussions to take our Strategic Partnership to a higher level based on our shared values and a comprehensive bilateral… pic.twitter.com/CowD7DifA6
— Narendra Modi (@narendramodi) January 27, 2026
कौन-कौन सी चीजें होंगी सस्ती?
इस फ्री ट्रेड डील (Free Trade Deal) के बाद कई महंगी चीजों के दाम कम होने की संभावना जताई गई है।
- कार और कमर्शियल व्हीकल: जिन चीजों पर अभी 110% तक टैरिफ लगता है, उसे घटाकर अब 10% कर दिया जाएगा।
- बीयर और शराब: बीयर पर टैरिफ घटाकर 50% और शराब पर 40% तक शुल्क कम होगा।
- दवाएं और मेडिकल प्रोडक्ट्स: इन चीजों पर 11% तक के शुल्क को काफी हद तक समाप्त किया गया है।
- केमिकल्स और रसायन उत्पाद: यूरोपीय संघ से अब लगभग सभी केमिकल उत्पादों पर टैरिफ खत्म कर दिया जाएगा।
- मशीनरी: मशीनरी पर 44% तक के शुल्क में कटौती होगी।
- खाद्य उत्पाद: फलों के जूस, प्रोसेस्ड फूड, जैतून का तेल, मार्जरीन और वनस्पति तेलों पर शुल्क को भी लगभग समाप्त कर दिया जाएगा।
- एयरक्राफ्ट और स्पेसक्राफ्ट: इन पर लगने वाला टैरिफ शून्य यानी न मात्र कर दिया गया है।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
भारत और यूरोपीय संघ के इस डील से भारत में डायरेक्ट और इनडायरेक्ट तौर पर नए रोजगार पैदा होने की भी संभावना जताई गई है। इसमें छोटे और मझोले उद्योगों (SME) को भी शामिल किया जाएगा और अन्य कई नई कंपनी का भी निर्माण किया जा सकता है।
2032 तक दोगुना हो सकता है व्यापार
इस समझौते से अब यह संभावना जताई जा रही है कि साल 2032 तक भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार दोगुना हो सकता है, जिससे मजबूत ट्रेडमार्क, डिजाइन, कॉपीराइट और व्यापार रहस्यों की सुरक्षा से निवेशकों का भरोसे के साथ-साथ लाभ भी बढ़ेगा।
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