UP Crime News: बेटे ने पिता की हत्या कर नीले ड्रम में छिपाया सिर और धड़, पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली कहानी

lucknow manvendra singh murder case

UP Crime News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक घटना से सबका दिल दहला दिया है। यह मामला मानवेंद्र सिंह हत्याकांड का है, जिसने हर किसी को अदंर से झकझोर रख दिया है। दरअसल, आरोपी बेटे अक्षत ने अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर शव के टुकड़े कर के उसे ठिकाने लगाने की कोशिश की। यहां जानें क्या है पूरा मामला और कैसे इस हत्या का पता चला

कैसे हुआ कत्ल?

पुलिस के मुताबिक, 19 फरवरी की रात मानवेंद्र सिंह एक शादी समारोह से घर लौटे थे। रात करीब एक बजे के बाद पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ। विवाद की जड़ पढ़ाई को लेकर लंबे समय से चला आ रहा तनाव था। पिता चाहते थे कि अक्षत मेडिकल की पढ़ाई करे, जबकि अक्षत बीबीए कर बिजनेस में जाना चाहता था। उसी रात गुस्से में आकर अक्षत ने अपने बाप पर गोली चल दी और मानवेंद्र सिंह की मौत हो गई।

कत्ल के बाद की खौफनाक योजना

पिता की हत्या के बाद अक्षत को पकड़े जाने का डर लगा, तो उसने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि शव भारी था और वह अकेले उसे ठिकाने नहीं लगा सकता था। इसी दौरान उसके दिमाग में एक डरावना विचार आया-शव के टुकड़े करने का। उसने यह तरीका कुछ वेब सीरीज देखकर सीखा था।

ऑनलाइन मंगवाया चाकू, फिर खरीदी आरी

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने 20 फरवरी की सुबह अक्षत ने ऑनलाइन एक चाकू मंगवाया, लेकिन वह छोटा निकला और उससे काम नहीं बन पाया। इसके बाद वह खुद बाजार गया और लकड़ी काटने वाली तेजधार आरी खरीदी फिर उसी आरी से उसने अपने पिता के शव के चार टुकड़े किए। हाथ और पैर कार में रखकर वह उन्हें ठिकाने लगा चुका था।

लखनऊ में दिल दहला देने वाला हत्याकांड
लखनऊ में दिल दहला देने वाला हत्याकांड

नीले ड्रम में छिपाया सिर और धड़

पुलिस ने कहा कि अक्षत ने शव के धड़ और सिर को घर के गेस्ट रूम में रखे नीले ड्रम में छिपा दिया था। उसका इरादा मौका मिलने पर इन हिस्सों को भी बाहर ले जाकर ठिकाने लगाने का था। हालांकि, 21 फरवरी की शाम तक मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की खबर फैल गई। रिश्तेदार और पड़ोसी घर आने लगे, जिससे अक्षत को बाकी टुकड़े निकालने का मौका नहीं मिला।

अक्षत की बुआ के अनुसार, उसकी मां की मौत साल 2018 में ब्रेन सर्जरी के दौरान हो गई थी। इसके बाद मानवेंद्र सिंह ही दोनों बच्चों की देखभाल कर रहे थे। पढ़ाई को लेकर पिता और बेटे के बीच अक्सर तनाव रहता था, हालांकि बाद में पिता बेटे की इच्छा मानने को भी तैयार हो गए थे।

अक्षत ने अपना जुर्म कबूला

लखनऊ पुलिस का कहना है कि अक्षत ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी ने कहा कि हत्या गुस्से में “गलती से” हो गई। लेकिन पुलिस मानती है कि कत्ल के बाद शव के साथ की गई दरिंदगी इस मामले को बेहद गंभीर और संवेदनहीन बनाती है। जांच एजेंसियां अब यह भी खंगाल रही हैं कि आरोपी ने वेब सीरीज से मिली जानकारी का इस्तेमाल कैसे और किस हद तक किया।

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