शराब 10–20% तक महंगी: MRP और टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव

कर्नाटक में शराब को लेकर एक नया बदलाव आने वाला है, जो सीधे आम लोगों की जेब पर असर डाल सकता है। सरकार ने एक नया एक्साइज ड्राफ्ट जारी किया है जिसमें शराब की कीमत और टैक्स सिस्टम बदलने की बात है। अब तक जो MRP सरकार तय करती थी, वो सिस्टम बदल सकता है और कंपनियों को खुद दाम तय करने की आजादी मिल सकती है। साथ ही टैक्स का तरीका भी बदलने वाला है। इसी वजह से शराब 10% से 20% तक महंगी हो सकती है और पूरा बाजार बदल सकता है।

क्या है नया बदलाव

सरकार ने शराब के नियमों में थोड़ा बड़ा बदलाव करने का प्लान बनाया है। अब टैक्स शराब की कीमत पर नहीं बल्कि उसमें कितनी अल्कोहल है उस पर लगेगा। यानी जितनी ज्यादा ताकत वाली शराब होगी, उतना ज्यादा टैक्स देना पड़ेगा। इसके साथ MRP भी कंपनियां खुद तय कर सकती हैं। इससे सरकार का कंट्रोल थोड़ा कम हो जाएगा और पूरा सिस्टम बदल सकता है।

MRP सिस्टम में क्या बदलेगा

पहले शराब की कीमत यानी MRP सरकार तय करती थी, लेकिन अब ये काम कंपनियों को दिया जा सकता है। इसका मतलब है कि कंपनियां अपने हिसाब से दाम तय करेंगी। इससे मार्केट में कॉम्पिटिशन बढ़ेगा, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि शराब 10% से 20% तक महंगी भी हो सकती है। खासकर सस्ती और मिड रेंज शराब पर इसका असर ज्यादा देखने को मिलेगा। लोगों को आगे चलकर ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।

सिस्टम कैसे बदलेगा

नए नियम में टैक्स का तरीका बदल जाएगा। अब टैक्स शराब की कीमत देखकर नहीं, बल्कि उसमें मौजूद अल्कोहल की मात्रा देखकर लगेगा। आसान भाषा में समझें तो जितनी ज्यादा स्ट्रॉन्ग शराब होगी, उतना ज्यादा टैक्स देना होगा। इससे कुछ शराब महंगी हो सकती है, खासकर वो जो ज्यादा ताकत वाली होती है। वहीं हल्की शराब पर थोड़ा कम असर पड़ सकता है।

बाजार और कंपनियों पर असर

इस खबर के बाद शराब बनाने वाली कंपनियों के शेयर ऊपर चले गए हैं। लोगों को लग रहा है कि नए नियम से कंपनियों को फायदा मिलेगा क्योंकि उन्हें कीमत तय करने की आजादी मिलेगी। इसी वजह से मार्केट में हलचल बढ़ गई है। Radico Khaitan और United Breweries जैसी कंपनियों में तेजी देखने को मिली है।

राज्य की कमाई पर असर

अगर ये नया सिस्टम लागू होता है तो सरकार की कमाई के तरीके में भी बदलाव आएगा। टैक्स अब सीधे अल्कोहल की मात्रा पर लगेगा, जिससे कुछ प्रोडक्ट्स पर ज्यादा रेवेन्यू आ सकता है। सरकार का मानना है कि इससे सिस्टम ज्यादा पारदर्शी होगा और टैक्स चोरी भी कम हो सकती है।

ये बदलाव शराब बाजार के लिए काफी बड़ा माना जा रहा है। एक तरफ कंपनियों को ज्यादा आजादी मिलेगी, लेकिन दूसरी तरफ आम लोगों को 10% से 20% तक ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं। अभी ये सिर्फ ड्राफ्ट है और फाइनल फैसला आने में समय है। अगर ये लागू होता है तो आने वाले समय में शराब खरीदने और उसकी कीमत दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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