PM Modi Trump Friendship: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर खबरों की सुर्खियां बने हुए हैं। दरअसल, ट्रंप अक्सर अपने बयानों के चलते चर्चा में बने हुए है। इसी तरह से ट्रंप इस बार पीएम मोदी पर टिप्पणी को लेकर चर्चा में है। बताया जा रहा है कि उन्होंने एक ओर भारत के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी वाले कंटेंट को साझा किया, तो दूसरी ओर कुछ ही घंटों बाद भारत और प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की है।
बता दें कि ट्रंप ने अपने बयान में भारत को ‘एक महान देश’ बताया और कहा कि वहां का नेतृत्व उनके ‘बहुत अच्छे दोस्त’ के हाथों में है। ऐसे में आइए यहां विस्तार से जानते हैं कि क्या है पूरा मामला?
ट्रंप के साथ विवाद की शुरुआत
जानकारी के लिए बता दें कि विवाद की शुरुआत तब हुई जब ट्रंप ने अमेरिकी राजनीतिक विश्लेषक Michael Savage के पॉडकास्ट ‘Savage Nation’ का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर शेयर किया। इस पॉडकास्ट में भारत, चीन और अन्य देशों को बेहद आपत्तिजनक शब्दों में संबोधित किया गया था। पॉडकास्ट में दावा किया गया कि भारत और चीन जैसे देशों के लोग अमेरिका जाकर केवल जन्म के आधार पर नागरिकता हासिल करने के लिए वहां बच्चे पैदा करते हैं। इस दौरान प्रवासियों के लिए ‘लैपटॉप गैंगस्टर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिसे नस्लवादी और अपमानजनक माना जा रहा है।
नस्लवादी टिप्पणियों पर बढ़ा विवाद
इस पॉडकास्ट में और भी कई विवादित दावे किए गए। माइकल सैवेज ने कहा कि प्रवासी समुदाय ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था और समाज को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि टेक इंडस्ट्री में विदेशी लोगों की बढ़ती संख्या के कारण स्थानीय नागरिकों के लिए अवसर कम हो गए हैं। ट्रंप द्वारा इस कंटेंट को शेयर करना कई लोगों को चौंकाने वाला लगा, क्योंकि इससे पहले भी उन पर प्रवासियों को लेकर कठोर और विवादित बयान देने के आरोप लगते रहे हैं।

ट्रंप ने भारत की जमकर की तारीफ
इस विवाद के कुछ ही समय बाद ट्रंप ने अपने एक बयान में भारत की जमकर तारीफ की। उन्होंने भारत को “एक महान देश” बताया और कहा कि वहां का नेतृत्व उनके “बहुत अच्छे दोस्त” के हाथों में है, जिसका इशारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर था। इस अचानक बदले रुख ने लोगों को हैरान कर दिया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि आखिर कुछ ही घंटों में इतना बड़ा बदलाव कैसे आ सकता है।
इसी दौरान ट्रंप ने एक इंटरव्यू में यह भी दावा किया कि अमेरिका दुनिया का इकलौता देश है जो जन्म के आधार पर नागरिकता देता है। लेकिन यह दावा पूरी तरह सही नहीं है। तथ्यों के अनुसार, अमेरिका के अलावा कनाडा, मैक्सिको समेत कई अन्य देश भी जन्म के आधार पर नागरिकता देने की नीति अपनाते हैं। इस गलत जानकारी को लेकर भी ट्रंप की आलोचना हो रही है।
भारत सरकार की संयमित प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर भारत सरकार ने बेहद संतुलित प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि उन्होंने इस मामले से जुड़ी रिपोर्ट्स देखी हैं, लेकिन इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं की जाएगी। यह भी बताया जा रहा है कि भारत ने इस मुद्दे पर कूटनीतिक संयम दिखाया है, ताकि दोनों देशों के संबंधों पर नकारात्मक असर न पड़े।
सोशल मीडिया पर आलोचना तेज
सोशल मीडिया पर ट्रंप (Trump on social media) के इस दोहरे रवैये की कड़ी आलोचना हो रही है। कई लोगों ने इसे ‘डबल स्टैंडर्ड’ करार दिया और कहा कि एक तरफ भारत की तारीफ करना और दूसरी तरफ ऐसे कंटेंट को बढ़ावा देना विरोधाभासी है।वहीं, कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि यह राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जहां अलग-अलग समय पर अलग संदेश दिए जाते हैं।
भारत-अमेरिका पर क्या पड़ सकता है असर?
इस तरह के बयान भारत-अमेरिका संबंधों पर सीधा असर नहीं डालते, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर असहजता जरूर पैदा कर सकते हैं। भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा संबंध काफी मजबूत हैं। ऐसे में दोनों देश आमतौर पर विवादित बयानों को नजरअंदाज कर बड़े हितों पर ध्यान देते हैं।
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