अमेरिका देखता रह गया! प्रतिबंधों के बीच होर्मुज से गुजरा 500 मिलियन डॉलर का रूसी जहाज ‘नॉर्ड’

मिडिल ईस्ट में एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने अमेरिका की सख्ती और उसके लगाए गए प्रतिबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला एक बेहद लग्जरी रूसी जहाज ‘नॉर्ड’ का है, जो हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर गया। खास बात ये है कि इस जहाज का संबंध रूसी अरबपति एलेक्सी मोर्दाशोव से बताया जाता है, जिन पर अमेरिका और यूरोप दोनों ने प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसके बावजूद यह जहाज बिना किसी रुकावट के इस अहम समुद्री रास्ते से गुजर गया, जो अब चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

500 मिलियन डॉलर का लग्जरी जहाज बना चर्चा का केंद्र

‘नॉर्ड’ कोई आम जहाज नहीं है, बल्कि यह दुनिया के सबसे महंगे और बड़े प्राइवेट सुपरयॉट्स में गिना जाता है। इसकी लंबाई करीब 465 फीट यानी लगभग 142 मीटर है और इसकी कीमत 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा बताई जाती है। इस जहाज के अंदर लग्जरी की हर सुविधा मौजूद है—करीब 20 बड़े कमरे, शानदार स्विमिंग पूल, हेलीकॉप्टर उतरने के लिए हेलीपैड और यहां तक कि एक छोटी पनडुब्बी भी इसमें शामिल है। यही वजह है कि यह जहाज हमेशा खबरों में बना रहता है।

दुबई से निकला, होर्मुज पार कर मस्कट पहुंचा

मरीन ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, यह जहाज शुक्रवार को दुबई मरीना से रवाना हुआ था। इसके बाद शनिवार को इसने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया और रविवार की सुबह मस्कट पहुंच गया। यह रूट काफी अहम माना जाता है क्योंकि दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में इस जहाज का यहां से निकल जाना अपने आप में बड़ी बात मानी जा रही है।

अमेरिका की नाकेबंदी पर उठे सवाल

सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब इस जहाज से जुड़े व्यक्ति पर अमेरिकी प्रतिबंध लगे हैं, तो फिर यह जहाज इतनी आसानी से इस रास्ते से कैसे गुजर गया? अमेरिका अक्सर इस इलाके में अपनी मजबूत मौजूदगी और निगरानी का दावा करता है, लेकिन इस घटना ने उसकी पकड़ पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई लोग इसे अमेरिका की नाकेबंदी की कमजोरी के तौर पर भी देख रहे हैं।

कौन हैं एलेक्सी मोर्दाशोव?

एलेक्सी मोर्दाशोव रूस के बड़े उद्योगपतियों में गिने जाते हैं और उन्हें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का करीबी माना जाता है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका और यूरोपीय संघ ने उन पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए थे। हालांकि आधिकारिक कागजों में ‘नॉर्ड’ जहाज उनके नाम पर नहीं है, बल्कि 2022 में इसे उनकी पत्नी की कंपनी के नाम पर रजिस्टर किया गया था। फिर भी दुनिया जानती है कि इस जहाज का संबंध उन्हीं से है।

ईरान और रूस की दोस्ती फिर चर्चा में

इस घटना के बाद एक बार फिर ईरान और रूस के रिश्तों की चर्चा शुरू हो गई है। दोनों देश पहले से ही कई मामलों में एक-दूसरे का साथ देते रहे हैं। साल 2025 में दोनों देशों के बीच सुरक्षा और खुफिया सहयोग को लेकर एक बड़ा समझौता भी हुआ था। ऐसे में माना जा रहा है कि इस जहाज को रास्ता मिलने के पीछे कहीं न कहीं यह दोस्ती भी काम आई हो सकती है।

तनाव के बीच बड़ा संदेश?

यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है। इसके बावजूद इस तरह का जहाज बिना किसी परेशानी के होर्मुज से गुजर गया, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका की पकड़ इस इलाके में कमजोर हो रही है या फिर यह किसी बड़े रणनीतिक संदेश का हिस्सा है।

क्यों खास है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से रोजाना बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है। इस वजह से इस इलाके पर हमेशा दुनिया की नजर रहती है। ऐसे में अगर कोई प्रतिबंधित व्यक्ति से जुड़ा जहाज यहां से गुजर जाता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी खबर बन जाती है।

इस जहाज को आखिर किस तरह इस रूट से गुजरने की अनुमति मिली। इस पर अभी तक कोई साफ जवाब सामने नहीं आया है। मोर्दाशोव के प्रतिनिधि ने भी इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। ऐसे में आने वाले समय में इस मुद्दे पर और खुलासे हो सकते हैं।

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