PM Modi Appeal: ‘पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करें, WFH और ऑनलाइन पढ़ाई को दें बढ़ावा’, जानें पीएम मोदी ने 24 घंटे में दूसरी बार क्यों की अपील

दूसरी बार पीएम मोदी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील

PM Modi Appeal: पिछले काफी समय से पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान युद्ध के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से फिर से बड़ी अपील की है। पिछले 24 घंटे में दूसरी बार पीएम मोदी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत (Petrol-Diesel Consumption) कम करने, लोकल प्रोडक्ट अपनाने और जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने यह अपील गुजरात के वडोदरा में आयोजित एक जनसभा के दौरान की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय बड़े संकट के दौर से गुजर रही है। पहले कोरोना महामारी और अब पश्चिम एशिया में बढ़ता युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डाल रहा है। ऐसे में भारत को भी सतर्क रहने और जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है।

विदेशी सामान कम खरीदें, लोकल को अपनाएं

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि अब समय आ गया है कि “वोकल फॉर लोकल” को सिर्फ एक नारा नहीं बल्कि जन आंदोलन बनाया जाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि विदेशी उत्पादों की जगह देश में बने सामान को प्राथमिकता दें।

उन्होंने कहा कि अगर देश का पैसा देश में ही रहेगा तो स्थानीय व्यापारियों, छोटे उद्योगों और उद्यमियों को मजबूती मिलेगी। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को भी फायदा होगा और विदेशी मुद्रा पर दबाव कम पड़ेगा।

प्रधानमंत्री ने सोने की खरीदारी (Gold Purchasing) को लेकर भी अहम बात कही। उन्होंने कहा कि भारत हर साल भारी मात्रा में सोना आयात करता है, जिससे देश का काफी पैसा विदेश जाता है। ऐसे में जब तक वैश्विक हालात सामान्य नहीं हो जाते, लोगों को सोने की खरीदारी टालने की कोशिश करनी चाहिए।

पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करें
पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करें

पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील

पीएम मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल का कम से कम इस्तेमाल (Minimum use of Petrol and Diesel) करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर नागरिक छोटी-छोटी आदतें बदलकर देश की मदद कर सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग ज्यादा से ज्यादा मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। इसके अलावा कार पूलिंग को भी बढ़ावा देने की जरूरत है ताकि ईंधन की बचत हो सके। उन्होंने कहा, “जिनके पास कार है, वे कोशिश करें कि एक ही गाड़ी में ज्यादा लोग सफर करें। इससे पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी और देश पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी घटेगा।”

WFH और ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर

प्रधानमंत्री ने डिजिटल टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल (Use of Digital Technology) को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि आज टेक्नोलॉजी ने जिंदगी को काफी आसान बना दिया है और इसका सही उपयोग देशहित में किया जा सकता है।

पीएम मोदी ने सरकारी और निजी दफ्तरों से अपील की कि जहां संभव हो, वहां वर्चुअल मीटिंग और वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दी जाए। इससे यात्रा कम होगी और ईंधन की बचत होगी।

सिर्फ दफ्तर ही नहीं, पीएम मोदी ने स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में भी जरूरत के अनुसार ऑनलाइन पढ़ाई को बढ़ावा देने की बात कही। उनका मानना है कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके देश संसाधनों की बचत कर सकता है।

‘कोरोना के बाद अब नया वैश्विक संकट’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि दुनिया पिछले कई वर्षों से लगातार अस्थिर परिस्थितियों से गुजर रही है। पहले कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया, फिर आर्थिक संकट और अब पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति ने नई चुनौती खड़ी कर दी है।

उन्होंने कहा कि अगर कोरोना इस सदी का सबसे बड़ा संकट था, तो पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव इस दशक के बड़े संकटों में से एक है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि जैसे भारत ने कोरोना महामारी का मिलकर सामना किया था, वैसे ही इस चुनौती से भी देश बाहर निकल जाएगा।

सरकार हालात पर नजर बनाए हुए

पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और कोशिश की जा रही है कि आम जनता पर इसका कम से कम असर पड़े। उन्होंने लोगों से संयम और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि देश के संसाधनों पर बोझ कम करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। अगर लोग विदेशी वस्तुओं का कम उपयोग करेंगे और जरूरत के अनुसार खर्च करेंगे तो भारत इस वैश्विक संकट का बेहतर तरीके से सामना कर पाएगा।

जनता से सहयोग की अपील

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हर बड़े संकट के समय एकजुट होकर काम किया है। चाहे कोरोना महामारी (Corona Epidemic) हो या कोई अन्य चुनौती, देशवासियों ने हमेशा जिम्मेदारी निभाई है। इस बार भी लोगों को देशहित में छोटे-छोटे कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि हर नागरिक अगर ईंधन बचाने, लोकल सामान खरीदने और अनावश्यक खर्च कम करने की दिशा में काम करेगा तो देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहेगी।

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