PM SVANidhi Yojana से रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को मिला बिना गारंटी लोन, 50 लाख परिवार हुए लाभान्वित, जानें स्कीम की हर एक डिटेल

PM SVANidhi Yojana से रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को मिला बिना गारंटी ऋण

PM SVANidhi Yojana: केंद्र में मोदी सरकार हमेशा देश के आम नागरिकों के लिए विभिन्न स्कीमों को लागू करती रहती है। इसी क्रम में सरकार ने हाल ही के दिनों में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi) की शुरुआत की गई थी। दरअसल, इस सरकारी स्कीम में रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को आर्थिक रूप मजबूत के साथ-साथ आत्मनिर्भर बना रही है। जानकारी के लिए बता दें कि सरकार की इस बेहतरीन योजना के अंतर्गत अब तक लाखों छोटे व्यापारियों के जीवन में सुधार आया है।

बता दें कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi) में बिना किसी भी गारंटी के लोगों को लोन की सुविधा मिली है, जिससे छोटे विक्रेता अपना कारोबार को तेजी से बिना किसी परेशानी के बढ़ा सके। ऐसे में आइए मोदी सरकार की PM SVANidhi की स्कीम के बारे में यहां विस्तार से जानते हैं।

17,800 करोड़ से अधिक का ऋण वितरित

सरकार के अनुसार, #6YearsOfPMSVANidhi के तहत अब तक देशभर में 75 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को 17,800 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण वितरित किया जा चुका है। इस प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ (PM Self-Reliance Scheme Benefits) सीधे तौर पर 50 लाख से अधिक परिवारों तक पहुंचा है, जो आज देश की अर्थव्यवस्था और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

यह स्कीम छोटे व्यापारियों के लिए बनी संबल

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (Pradhan Mantri Swanidhi Yojana) की शुरुआत देश के उन रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए की गई थी, जिनकी आजीविका छोटे स्तर के कारोबार पर निर्भर है। देखा जाए तो कोरोना महामारी के बाद भारत में लाखों विक्रेताओं को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। इस स्थिति से ऊभरने के लिए केंद्र सरकार ने बिना किसी गारंटी के लोन की सुविधा उपलब्ध कराई, ताकि वे अपने व्यवसाय को फिर से खड़ा कर सकें और अपनी स्थिति में सुधार कर सके।

इस सरकारी योजना के तहत पात्र विक्रेताओं को चरणबद्ध तरीके से 15 हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक का ऋण दिया जाता है। समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को अधिक राशि पर अगला से लोन (ऋण) की सुविधा मिलती है।

डिजिटल लेन-देन को मिला बढ़ावा

PM SVANidhi योजना ने केवल ऋण वितरण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में भी यह स्कीम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस योजना से जुड़े लाभार्थियों ने अब तक 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक के 841 करोड़ से ज्यादा डिजिटल लेन-देन किए हैं।

डिजिटल भुगतान अपनाने से विक्रेताओं की आय में पारदर्शिता बढ़ी है और उन्हें औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जुड़ने का अवसर मिला है। इससे बैंकिंग सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान हुई है।

पहली बार बैंकिंग प्रणाली से जुड़े लाखों लोग

इस योजना की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि 95 प्रतिशत स्ट्रीट वेंडर्स को जीवन में पहली बार बैंक से ऋण बिना किसी गारंटी के मिलाता है। इससे पहले बड़ी संख्या में छोटे विक्रेता औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से बाहर थे और उन्हें महंगे ब्याज पर निजी स्रोतों से उधार लेना पड़ता था।

PM SVANidhi ने ऐसे लोगों को बैंकिंग नेटवर्क से जोड़कर वित्तीय समावेशन को नई दिशा दी है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई, बल्कि उनके भविष्य में भी अन्य कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेना आसान हुआ है।

ब्याज सब्सिडी और डिजिटल कैशबैक का लाभ

इस सरकारी योजना के तहत लाभार्थियों को केवल ऋण ही नहीं, बल्कि अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जा रही हैं। अब तक विक्रेताओं को 800 करोड़ रुपये से अधिक की ब्याज सब्सिडी (Interest Subsidy) और डिजिटल कैशबैक प्रदान किया जा चुका है। इससे ऋण का बोझ कम हुआ है और डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिला है।

विकसित भारत के निर्माण में योगदान

केंद्र सरकार का कहना है कि PM SVANidhi योजना केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने तक ही नहीं है, बल्कि यह छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान है। योजना से लाभान्वित लाखों परिवार आज अपनी आय बढ़ाने, रोजगार सृजित करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम योगदान दे रही है। इससे देश का सबसे छोटा कारोबारी भी आर्थिक रूप से सशक्त होगा, तभी विकसित भारत का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सकेगा।

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