Lucknow Fire Case: लखनऊ अग्निकांड पर सीएम योगी का बड़ा एक्शन, 4 अफसर तत्काल सस्पेंड, जांच के लिए SIT गठित

लखनऊ अग्निकांड की जांच के लिए SIT गठित, सीएम योगी के निर्देश पर चार अफसर सस्पेंड

Lucknow Fire Case: लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में हुए भीषण अग्निकांड की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सरकार ने हादसे के कारणों, भवन की स्वीकृति प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच के आदेश दिए हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुख्यमंत्री योगी ने साफ कहा है कि इश घटना की जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

लखनऊ अग्निकांड में 4 अफसर सस्पेंड

सीएम योगी के आदेश के तुरंत बाद अलीगंज अग्निकांड मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 4 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जिसके नाम कुछ इस प्रकार से हैं।

1. गौरव कुमार – अधिशासी अभियंता (कलेक्शन), जानकीपुरम
2. कमलेन्द्र कुमार सिंह – फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स ऑफिसर (FSSO), इंदिरा नगर
3. अनिल कुमार – सहायक अभियंता (AE)
4. प्रमोद पांडे – कनिष्ठ अभियंता (JE)

अग्निकांड में 15 लोगों की मौत

बताया जा रहा है कि अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल होने की खबर मिली हैं। हादसे के बाद सामने आए तथ्यों ने भवन सुरक्षा मानकों (Building Safety Standards) और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि जिस इमारत में आग लगी, उसका नक्शा आवासीय भवन के रूप में स्वीकृत था, लेकिन उसका उपयोग लंबे समय से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।

5-5 लाख रुपये आर्थिक सहायता

लखनऊ के अलीगंज स्थित अग्निकांड स्थल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के उपचार की जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी पीड़ितों का इलाज सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घटना से प्रभावित परिवारों का दर्द शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है। सीएम योगी ने इस घटना में मृतकों के परिजनों को तत्काल 5-5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए है।

यूपी सरकार ने SIT का किया गठन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दर्दनाक घटना को बेहद गंभीर बताया है और कहा है कि अधिकारियों को तत्काल जांच शुरू करने के निर्देश दिए। उनके आदेश पर गठित SIT को पूरे मामले की गहराई से जांच करने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। जांच दल यह पता लगाएगा कि भवन निर्माण और संचालन के दौरान किन नियमों का उल्लंघन किया गया, क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था और संबंधित विभागों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की।

लखनऊ अग्निकांड मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई
लखनऊ अग्निकांड मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई

सुरक्षा मानकों की अनदेखी

खबरों के अनुसार, निलंबित किए गए चार अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में है। आरोप है कि भवन के उपयोग में बदलाव और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। यही वजह है कि हादसे के बाद जवाबदेही तय करने के लिए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं। घटना के बाद भवन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक इमारत में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण नहीं थे। इसके अलावा इमरजेंसी एग्जिट और वैकल्पिक निकास मार्ग की भी कमी बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद कई लोग धुएं और लपटों के बीच फंस गए थे। कुछ लोगों ने खिड़कियों और ऊपरी मंजिलों से निकलकर अपनी जान बचाने की कोशिश की।

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य के अन्य व्यावसायिक और बहुमंजिला भवनों की भी सुरक्षा जांच कराई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।

SIT ने अपनी जांच शुरू कर दी

सीएम योगी के आदेश मिलते ही SIT ने अपनी जांच शुरू कर दी है और संबंधित विभागों से दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद कई और अधिकारियों तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। इस बीच पूरे प्रदेश की नजर इस हाई-प्रोफाइल जांच पर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि जांच के जरिए हादसे की असली वजह सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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