Bhadohi Renamed Sant Ravidas: गुरु पूर्णिमा पर सीएम योगी का बड़ा फैसला, भदोही का नाम बदलकर किया ‘संत रविदास नगर’

भदोही का नाम 'संत रविदास नगर'

Bhadohi Renamed Sant Ravidas Nagar: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर आय़ोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही जिले का नाम बदल दिया है। दरअसल, अब से यूपी के भदोही का नया नाम ‘संत रविदास नगर’ है। मुख्यमंत्री ने इसे महापुरुषों के सम्मान से जोड़ा है। वही, यूपी की राजनीतिक गलियारों में इस अहम फैसले को आगामी विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

गुरु पूर्णिमा पर CM योगी की बड़ी घोषणा

गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान करते हुए भदोही जिले का नाम एक बार फिर ‘संत रविदास नगर’ (Sant Ravidas Nagar) करने की घोषणा की। वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इस जिले की पहचान संत रविदास जी (Saint Ravidas Ji) के नाम से ही होगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला संत रविदास के सम्मान और यूपी की सांस्कृतिक विरासत (UP Cultural heritage) को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

सपा सरकार पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पूर्व समाजवादी पार्टी सरकार पर भी हमला बोला और कहा कि संत रविदास (Saint Ravidas) के नाम पर बने जिले का नाम बदलना एक बड़ी गलती थी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सपा ने संत रविदास जी के नाम पर बने जिले का नाम हटाकर पाप किया था। आज से भदोही को फिर से संत रविदास नगर (Sant Ravidas Nagar) के नाम से जाना जाएगा।”

पीएम मोदी के फैसलों का किया जिक्र

अपने भाषण में मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के फैसलों का भी साफ तौर पर उल्लेख किया। जहां सीएम योगी ने कहा कि भाजपा सरकार (BJP Government) हमेशा संतों, महापुरुषों और ऋषियों के सम्मान के लिए काम करती रही है। उन्होंने कहा कि जालंधर एयरपोर्ट का नाम संत रविदास जी के नाम पर रखा गया, जबकि अयोध्या एयरपोर्ट (Ayodhya Airport) का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया। राज्य सरकार देश की सांस्कृतिक विरासत (Cultural Heritage) को नई पहचान देने का काम कर रही है।

सीएम योगी ने विपक्ष पर बोला हमला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल समाज को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने की कोशिश करते हैं। सीएम योगी ने आरोप लगाया है कि ऐसे लोगों के आदर्श संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि नहीं, बल्कि औरंगजेब और बाबर (Aurangzeb and Babur) जैसे लोग हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा समाज (BJP Society) को जोड़ने और विकास की राजनीति (Politics of Development) करने में विश्वास रखती है।

राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे

मुख्यमंत्री योगी का यह कदम वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections) से पहले यह फैसला दलित समाज के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि भाजपा इसे केवल संत रविदास के सम्मान और ऐतिहासिक पहचान को बहाल करने वाला निर्णय बता रही है।

सरकार ने महापुरुषों के सम्मान पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार संतों और महापुरुषों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार समाज में समरसता, समानता और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। भदोही का नाम फिर से ‘संत रविदास नगर’ (Sant Ravidas Nagar) किए जाने की घोषणा को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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