Land Registry Rules: बिहार में जमीन रजिस्ट्री के नियम बदले, 10 लाख से ऊपर की प्रॉपर्टी खरीदने पर जरूरी होंगे ये कागजात

Land Registry Rules

Land Registry Rules: बिहार में जमीन खरीदने और बेचने के सरकारी नियमों में एक बड़ा बदलाव किया गया है। दरअसल, बिहार सरकार ने हाल ही में जमीन रजिस्ट्री से जुड़े सभी नियमों में संशोधन कर दिए हैं, जिसे बीते कल यानी 30 जनवरी, 2026 से पूरे राज्य में लागू कर दिया है।

बता दें कि अब से राज्य में कोई भी व्यक्ति 10 लाख रुपये या इससे अधिक कीमत की प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराता है, तो उसे अपना पैन कार्ड दिखाना अनिवार्य है। इसके लिए राज्य सरकार ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

बिहार में टैक्स चोरी पर रोक

बिहर में शराब निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त आदेश दिए हैं कि राज्य में इस नए नियम का सख्ती के साथ सही से पालन किया जाए। इस संदर्भ में सरकार का कहना है कि यह फैसला मुख्य रूप से राज्य में बड़े लेन-देन में पारदर्शिता लाना और टैक्स चोरी (Tax Evasion) पर रोक लगाने के लिए लिया गया है।

बिहार में जमीन खरीद-बिक्री के नियम सख्त
बिहार में जमीन खरीद-बिक्री के नियम सख्त

बिहर में पहले क्या था नियम?

बिहार में पहले जमीन या प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री में पैन कार्ड इतना जरूरी नहीं होता था, यह तभी जरूरी होता था, जब प्रॉपर्टी की कीमत 30 लाख रुपये या उससे अधिक होती थी, जिन लोगों के पास पैन कार्ड नहीं होता था, उन्हें आयकर विभाग का फॉर्म 60 या 61 भरकर रजिस्ट्री करवाना होता था। लेकिन अब राज्य में यह सीमा घटाकर 10 लाख रुपये तक कर दी गई है। यानी 10 लाख या उससे अधिक की किसी भी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए पैन कार्ड बिहारवासियों के लिए जरूरी कर दिया गया है।

तहसीलों में नए नियम का पालन

सरकार के आदेश के बाद राज्य की तहसीलों और निबंधन कार्यालयों में तुरंत नए नियम का पालन करना शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि कई सरकारी दफ्तरों में इंफॉर्मेशन बोर्ड भी लगा गए हैं, जिससे लोगों को समय रहते जानकारी मिल सके। साथ ही, सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि बिना पैन कार्ड के ऐसी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री न करें।

आयकर विभाग की अपील के बाद फैसला

बिहार सरकार ने यह फैसला आयकर विभाग की अपील के बाद ही लागू किया है। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग ने अपने पत्र में लिखा था कि आज के समय में कई छोटी जमीनों, प्लॉट और दुकानों की कीमत 10 लाख रुपये से ज्यादा है, लेकिन उनके दस्तावेजों में पैन कार्ड का विवरण नहीं दिया जाता है, जिसके चलते उनका कोई सही रिकॉर्ड सरकार के पास नहीं होता है। ऐसे में अब नए नियम के लागू होने से सभी जानकारियों को ट्रैक करना आसान हो जाएगा।

ये भी पढ़ें: SC ने लगाई UGC के नए नियमों पर अस्थायी रोक, CJI ने कहा-जाति आधारित भेदभाव से हो सकता दुरुपयोग

Recent Posts