Nashik Baba Case: महाराष्ट्र के नासिक में इन दिनों ‘स्वयंभू बाबा’ अशोक खरात कांड काफी चर्चा में है। अब अशोक खरात कांड ने अब एक राजनीतिक मोड़ ले लिया है। दरअसल, इस विवाद के बीच महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने आज शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जब से खरात से जुड़े विवादित वीडियो और तस्वीरों के वायरल होने के बाद चाकणकर लगातार आलोचनाओं के घेरे में थीं।
बता दें कि अशोक खरात पर यौन शोषण और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार भी कर लिया है। लेकिन जैसे ही सोशल मीडिया पर खरात के साथ रूपाली चाकणकर की तस्वीरें सामने आईं, विवाद और गहरा गया। इन तस्वीरों में चाकणकर कथित तौर पर खरात के पैर धोते और उनके प्रति श्रद्धा दिखाते नजर आईं, जिससे उनके ऊपर अब कई तरह के सवाल उठने लगे।
सीएम के निर्देश के बाद उठाया कदम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रूपाली चाकणकर को इस्तीफा (Rupali Chakankar resigns) देने के निर्देश दिए थे। जैसे ही यह फैसला लिया गया, इसके कुछ ही घंटों के बाद उनका इस्तीफा सामने आ गया। हालांकि, अभी तक किसी भी तरह की कोई आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की गई है कि उनका इस्तीफा स्वीकार किया गया है या नहीं।
Rupali Chakankar has resigned from the post of Chairperson of the Maharashtra State Commission for Women. pic.twitter.com/dnOPqUS3mF
— ANI (@ANI) March 20, 2026
विपक्ष ने साधा निशाना
इस पूरे मामले को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से जुड़ी चाकणकर पर गंभीर आरोप लगाए है कि उन्होंने महिला आयोग जैसे संवेदनशील पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। विपक्ष का कहना है कि ऐसी स्थिति में उनका पद पर बने रहना उचित नहीं था।
महिला आयोग की भूमिका पर भी सवाल
रूपाली चाकणकर ने इस्तीफा देने से पहले खुद इस मामले की निगरानी का भरोसा दिया था। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर निष्पक्ष और त्वरित जांच के निर्देश भी दिए थे। लेकिन वायरल तस्वीरों के चलते उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ गए और दबाव बढ़ता गया। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेताओं ने भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि महिला सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं सामाजिक संगठनों ने भी चाकणकर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
ये भी पढ़ें: दिल्ली-UP समेत 17 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट, जानें अपने शहर के मौसम की अपडेट






