UCC-Infiltration: अप्रैल के महीने में देश के कई बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इन दिनों केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह असम दौरे पर है, जिससे असम की राजनीतिक का माहौल पूरी तरह गरमा गया है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री ने एक चुनावी रैली में बड़ा बयान दिया, जिससे बाद से राजनीति सियासत और भी तेज हो गई है। दरअसल, उन्होंने कहा कि अगर यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू किया जाता है, तो ‘घुसपैठिए चार शादी नहीं कर पाएंगे।’
बता दें कि आज शुक्रवार को गोलपाड़ा जिले के दूधनोई में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने भाजपा सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने जनता से अपील की कि विकास और शांति को बनाए रखने के लिए भाजपा को दोबारा असम की सत्ता पर लाना होगा।
UCC को लेकर क्या बोले शाह?
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि UCC लागू होने के बाद देश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होगा। उन्होंने इसे ‘न्याय और समानता की दिशा में बड़ा कदम’ बताया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस कानून से कुछ लोग जो गलत तरीके से सिस्टम का फायदा उठाते हैं, उन पर पूरी तरह से रोक लगेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आदिवासी क्षेत्रों को UCC के दायरे से बाहर रखा जाएगा, ताकि उनकी पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाजों पर कोई असर न पड़े।
घुसपैठ पर सख्त रुख
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में घुसपैठ के मुद्दे को भी उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पड़ोसी क्षेत्रों से आने वाले घुसपैठियों ने कुछ इलाकों में सामाजिक संतुलन बिगाड़ने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सरकार दोबारा सत्ता में आती है, तो राज्य में घुसपैठ को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा जाएगा।

आदिवासी विकास पर दिया जोर
असम चुनाव रैली में अमित शाह ने आदिवासी समाज के विकास को भाजपा सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में पहली बार देश को एक आदिवासी महिला राष्ट्रपति मिली हैं। यह भाजपा की सोच को दर्शाता है, जहां हर वर्ग को सम्मान और अवसर देने की बात की जाती है। असम में आदिवासी समुदाय के लिए एक विस्तृत विकास रोडमैप तैयार किया गया है, जिसे आगे बढ़ाने के लिए भाजपा सरकार का दोबारा आना जरूरी है।
भाजपा सरकार की उपलब्धियां
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने असम में शांति और स्थिरता स्थापित की है। उन्होंने दावा किया कि पहले राज्य में जो अस्थिरता और हिंसा का माहौल था, वह अब काफी हद तक खत्म हो चुका है। इसके अलावा, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस दोबारा मजबूत होती है, तो राज्य में फिर से अस्थिरता लौट सकती है। इसलिए उन्होंने लोगों से भाजपा को वोट देने की अपील की।
असम में कब होंगे चुनाव?
असम विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा और मतगणना 4 मई को की जाएगी। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां काफी हद तक तेज कर दी हैं और चुनावी प्रचार अपने चरम पर है।
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