खुशखबरी! होर्मुज से सुरक्षित निकला LPG टैंकर, भारत में रसोई गैस संकट अब होगा खत्म

LPG tanker safely leaves Hormuz

LPG Tanker safely leaves Hormuz: भारत के लिए खुशखबरी है। देश काफी समय से एलपीजी संकट की परेशानी से जुझ रहा था। वह अब लगभग खत्म हो जाएगा। दरअसल, रसोई गैस (LPG) की सप्लाई को लेकर पिछले कुछ समय से जो चिंता बनी हुई थी, अब उसमें कमी को साफ देखा जा सकता है। क्योंकि एक और भारतीय टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है, जिससे देश में गैस सप्लाई (LPG Supply in India) को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।

‘JAG VIKRAM’ सफलतापूर्वक पर्शियन गल्फ क्षेत्र से बाहर

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुकी भारतीय टैंकर पर महत्वपूर्ण अपडेट को साझा करते हुए बताया कि भारतीय ध्वज वाला जहाज ‘JAG VIKRAM’ सफलतापूर्वक पर्शियन गल्फ क्षेत्र से बाहर निकल गया है। इस जहाज में 24 भारतीय क्रू मेंबर मौजूद थे और यह 11 अप्रैल को सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार करने में सफल रहा।

बताया जा रहा है कि आज की यह खबर इसलिए अहम और सबसे बड़ी मानी जा रही है क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों (Strait of Hormuz is an important sea route in the world) में से एक है। वैश्विक स्तर पर करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल और बड़ी मात्रा में गैस इसी रास्ते से होकर गुजरती है। हाल ही में क्षेत्र में बढ़े तनाव और संघर्ष के कारण इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो गई थी, जिससे कई देशों की ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ा था।

ओमान की खाड़ी में पहुंचा टैंकर (Tanker reaches Gulf of Oman)

‘जग विक्रम’ (JAG VIKRAM) फिलहाल ओमान की खाड़ी में पहुंच चुका है और भारत की दिशा में तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। यह एक मिड-साइज गैस कैरियर (Mid-Size Gas Carrier) है, जिसकी क्षमता लगभग 26,000 टन है। अनुमान है कि इसमें करीब 20,000 टन LPG लदा हुआ है, जो भारत के लिए एक बेहद ही जरूरी सप्लाई मानी जा रही है।

इस टैंकर का सुरक्षित बाहर निकलना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में होर्मुज स्ट्रेट लगभग बाधित रहा था। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) में अस्थिरता बढ़ गई थी और तेल व गैस की कीमतों (oil and gas prices) पर भी असर देखने को मिला था।

गैस संकट पर ब्रेक, होर्मुज पार कर आया भारतीय टैंकर
गैस संकट पर ब्रेक, होर्मुज पार कर आया भारतीय टैंकर

भारत की निर्भरता बढ़ाती है चिंता

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। देश लगभग 90% कच्चा तेल, करीब 50% प्राकृतिक गैस (Natural Gas) और लगभग 60% LPG विदेशों से मंगाता है। इसमें भी खाड़ी देशों का योगदान सबसे अधिक है, जहां से सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट (Supply Hormuz Strait) के जरिए होती है। इसी वजह से जब यह मार्ग प्रभावित हुआ, तो भारत में गैस की उपलब्धता (Gas Availability in India) को लेकर चिंता बढ़ गई थी। सरकार को एहतियात के तौर पर कई कदम उठाने पड़े थे।

सरकार ने उठाए थे सख्त कदम

गैस सप्लाई संकट (GAS Supply Crisis) को देखते हुए भारत सरकार ने कमर्शियल यूजर्स के लिए LPG की आपूर्ति सीमित कर दी थी। होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायिक संस्थानों को कम गैस दी जा रही थी ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके। इसके अलावा, उद्योगों के लिए प्राकृतिक गैस की सप्लाई (Natural Gas Supply) भी घटाई गई थी। उर्वरक उद्योगों को सीमित मात्रा में गैस दी जा रही थी, जबकि CNG और पाइप्ड गैस (PNG) की सप्लाई को बनाए रखने पर जोर दिया गया था।

गैस संकट हालात धीरे-धीरे सुधर रहे

इन दिन अब हालात में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच लागू अस्थायी सीजफायर (Temporary Ceasefire) के बाद होर्मुज स्ट्रेट को आंशिक रूप से जहाजों के लिए खोला गया है। इसी का फायदा उठाते हुए ‘जग विक्रम’ जैसे जहाज सुरक्षित रूप से इस मार्ग को पार कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि मार्च की शुरुआत के बाद से यह पर्शियन गल्फ (Persian Gulf) से बाहर निकलने वाला नौवां भारतीय जहाज है। हालांकि अभी भी करीब 15 भारतीय जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जो सुरक्षित समय का इंतजार कर रहे हैं।

विदेशी जहाज भी फंसे हुए

देखा जाए तो सिर्फ भारतीय जहाज ही नहीं, बल्कि सैकड़ों विदेशी टैंकर भी इस क्षेत्र में प्रभावित हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार, इस इलाके में अभी भी 400 से ज्यादा टैंकर मौजूद हैं, जिनमें कई LPG और LNG जहाज शामिल हैं हालांकि सीजफायर के बाद धीरे-धीरे जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो रही है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लौटने की उम्मीद बढ़ गई है।

वैकल्पिक इंतजाम से देश को मिली राहत

इस संकट के दौरान भारत ने वैकल्पिक स्रोतों से गैस की व्यवस्था (Gas System) भी की थी। इससे सप्लाई का दबाव कुछ हद तक कम हुआ। अब उर्वरक संयंत्रों और अन्य उद्योगों को पहले की तुलना में ज्यादा गैस मिलने लगी है।

सरकार ने शहरों में गैस वितरण कंपनियों (Gas Distribution Companies) को भी निर्देश दिया है कि वे पाइप्ड गैस कनेक्शन को बढ़ावा दें। इसका उद्देश्य LPG पर निर्भरता को कम करना और भविष्य में ऐसे संकटों से बेहतर तरीके से निपटना है।

भारत को आने वाले दिनों में और राहत की उम्मीद

इस ऐतिहासिक जीत के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले दिनों में और जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार करते हैं, तो भारत में गैस सप्लाई पूरी तरह सामान्य हो सकती है। फिलहाल, ‘जग विक्रम’ का सुरक्षित बाहर निकलना एक सकारात्मक संकेत है, जिसने करोड़ों लोगों को राहत दी है। इससे यह उम्मीद मजबूत हुई है कि देश में रसोई गैस की किल्लत का खतरा धीरे-धीरे टलता जा रहा है।

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