Connaught Place News: पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इसी बीच छात्रों के द्वारा दिल्ली में हिंसक प्रदर्शन और पत्थरबाजी भी देखने को मिल रही है। ऐसे में राजधानी के सबसे व्यस्त कारोबारी इलाकों में से एक कनॉट प्लेस (सीपी) को बंद करने का अहम फैसला लिया है। दरअसल, न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने क्षेत्र के सभी दुकानदारों, ऑफिस संचालकों, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से 23 जुलाई 2026 को शाम 6:30 बजे तक अपने प्रतिष्ठान बंद करने की अपील की है।
वही, एसोसिएशन का यह भी कहना है कि यह कदम CP में सुरक्षा व्यवस्था और संभावित अप्रिय घटनाओं से बचाव के उद्देश्य के चलते उठाया गया है।
कनॉट प्लेस में कई दुकानें बंद
एनडीटीए की ओर से जारी की गई अपील में कहा गया है कि एनडीएमसी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की ओर से फोन पर मिले निर्देशों के आधार पर यह सलाह जारी की गई है। संगठन ने कहा कि कनॉट प्लेस क्षेत्र (Connaught Place Area) की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सभी व्यापारियों और प्रतिष्ठान संचालकों को सहयोग करना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या नुकसान से बचा जा सके।
व्यापारियों से भी सहयोग की अपील
एसोसिएशन ने अपने संदेश में साफ कहा है कि सभी प्रतिष्ठान मालिकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित समय तक अपने कारोबार को बंद रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। संगठन का कहना है कि ऐसा करने से जन-धन की हानि, चोट या किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सकेगा। व्यापारियों से यह भी कहा गया है कि वे कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कनॉट प्लेस (Connaught Place) दिल्ली का प्रमुख व्यावसायिक और पर्यटन केंद्र है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग खरीदारी, दफ्तरों और रेस्तरां में आते हैं। ऐसे में सुरक्षा कारणों से समय से पहले प्रतिष्ठान बंद करने की अपील है।
सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के दिए संकेत
इस बीच आंदोलन से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने 25 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (Indefinite Hunger Strike) को समाप्त करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि केंद्र सरकार यह साफ आश्वासन देती है कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की कानूनी या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई (Retaliatory Action) नहीं की जाएगी, तो वे अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं।
वांगचुक का कहना है कि आंदोलन में शामिल युवाओं की सुरक्षा और उनके भविष्य को लेकर सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता जरूरी है। इसी आधार पर उन्होंने अपनी शर्त सरकार के सामने रखी है।
बदली आंदोलन की प्राथमिकताएं
आंदोलन की शुरुआत में छात्र संगठनों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी। हालांकि अब आंदोलन का फोकस कुछ हद तक बदलता नजर आ रहा है। सोनम वांगचुक की ओर से रखी गई शर्तों में छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का मुद्दा सबसे प्रमुख बनकर सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब भी अपनी मूल मांग पर कायम है और उसने अपने रुख में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है।
सरकार ने भेजे बातचीत के 4 प्रस्ताव
अब यह भी खबरें सामने आ रही है कि आंदोलन को समाप्त कराने और गतिरोध दूर करने के लिए केंद्र सरकार लगातार बातचीत की कोशिश कर रही है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार अब तक आंदोलनकारियों को बातचीत के लिए चार अलग-अलग प्रस्ताव भेज चुकी है।
सरकार का कहना है कि वह छात्रों और आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों से उनकी सुविधा के अनुसार किसी भी समय और किसी भी स्थान पर बातचीत करने के लिए तैयार है। भारत सरकार (Government of India) का उद्देश्य संवाद के माध्यम से समाधान निकालना है।
CJP ने नया प्रस्ताव भी ठुकराया
खबरों के अनुसार, मोदी सरकार (Modi Government) ने CJP को बातचीत के लिए एक नया प्रस्ताव भी भेजा था। हालांकि संगठन ने इसे स्वीकार नहीं किया और प्रस्ताव ठुकरा दिया। इसके बाद भी सरकार की ओर से बातचीत के रास्ते खुले रखने की बात कही जा रही है। फिलहाल राजधानी में आंदोलन और सुरक्षा व्यवस्था (Security Arrangements) को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कनॉट प्लेस में प्रतिष्ठान समय से पहले बंद करने की अपील भी इसी सतर्कता का हिस्सा मानी जा रही है। आने वाले समय में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत होती है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
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