Ram Mandir Darshan Pass Rules: राम मंदिर दर्शन पास के नियम में हुआ बड़ा बदले, अब सिर्फ 3 अधिकृत आईडी से बनेंगे VIP पास

Ram Mandir Darshan Pass Rules: राम मंदिर दर्शन पास के नियम में हुआ बड़ा बदले

Ram Mandir Darshan Pass Rules: पिछले काफी समय में अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी क्रम में प्रशासन और ट्रस्ट के द्वारा समय-समय पर कई तरह के सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में अब भगवान रामलला के दर्शन की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा सुरक्षित बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक बड़ा फैसला लिया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब से वीआईपी (VIP) और विशेष श्रेणी के दर्शन पास केवल ट्रस्ट के तीन अधिकृत चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की डिजिटल आईडी से ही जारी किए जाएंगे। यहां जानें मंदिर से जुड़े इस नए नियम की हर एक जानकारी…

राम मंदिर के लिए पास की व्यवस्था

अधिकृत चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की डिजिटल आईडी पर ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर की इस नई व्यवस्था से पास जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह निगरानी बनी रहेगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी या दुरुपयोग की संभावना बेहद कम होगी।

मंदिर के नियमों में बदलाव क्यों?

ट्रस्ट के अनुसार, पहले दर्शन पास अलग-अलग स्तरों पर जारी होते थे, जिससे यह पता लगाना मुश्किल हो जाता था कि किसके माध्यम से पास जारी हुआ है। लेकिन अब इस नई व्यवस्था लागू होने के बाद पास जारी होने के बाद यह अधिकार केवल तीन अधिकृत चार्टर्ड अकाउंटेंट्स तक सीमित हो जाएगा। इससे हर आवेदन और उसकी मंजूरी का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित (Digital Records Secure) रहेगा और भविष्य में जरूरत पड़ने पर आसानी से जांच भी की जा सकेगी।

ट्रस्ट का मानना है कि यह कदम रामलला के दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे श्रद्धालुओं को भी अधिक पारदर्शी प्रक्रिया का लाभ सही तरह से मिलेगा।

केवल अधिकृत डिजिटल आईडी से ही जारी होंगे पास

नई व्यवस्था के तहत ट्रस्ट ने तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। अब उनकी अधिकृत डिजिटल आईडी (Digital ID) के माध्यम से ही वीआईपी और विशेष दर्शन पास मिलेंगे। किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी को इस प्रणाली का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। इससे पास जारी करने की पूरी प्रक्रिया सीमित और सुरक्षित बनी रहेगी।

पुराने अधिकारियों की आईडी हुई निष्क्रिय

खबरों के अनुसार, यह बदलाव ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव की आईडी निष्क्रिय होने के बाद लागू किया गया है। इन अधिकारियों के पद छोड़ने के बाद दर्शन व्यवस्था से जुड़े कई प्रशासनिक बदलाव हुए हैं।

वहीं, देखा जाए तो श्रद्धालुओं से संबंधित व्यवस्थाओं की निगरानी अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन कर रहे हैं। उनके नाम से नई पास आईडी भी सक्रिय कर दी गई है, जिसके माध्यम से नियमित रूप से दर्शन पास जारी किए जा रहे हैं।

RSS कार्यकर्ताओं के लिए व्यवस्था पहले जैसी

ट्रस्ट ने साफ तौर पर कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए पहले से लागू व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उनके दर्शन पास पहले की तरह विभाग प्रचारक और कार्यालय प्रमुख की संस्तुति के आधार पर जारी रहेंगे।

जिला प्रशासन और पुलिस के लिए अलग कोटा

रामलला दर्शन व्यवस्था (Ram Lalla Darshan) को सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के लिए भी अलग कोटा निर्धारित हुए हैं। इससे सरकारी कार्यों और विशेष परिस्थितियों में आने वाले लोगों के लिए आवश्यक पास उपलब्ध होंगे।

हर दिन जारी होते हैं करीब 1,800 दर्शन पास

मिली जानकारी के मुताबिक, राम मंदिर (Ram Mandir) में प्रतिदिन लगभग 1,800 दर्शन पास जारी किए जाते हैं। इन पासों को 6 अलग-अलग समय स्लॉट में विभाजित किया गया है। प्रत्येक स्लॉट 2 घंटे का होता है और उसमें लगभग 300 श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति मिलती है। इन्हीं स्लॉट्स में सामान्य, सुगम और वीआईपी दर्शन पास भी जारी किए जाते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित रखना और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराना है।

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