Captain Smit Machchhar: जैसा कि आप सब लोग जानते हैं कि अभी कुछ दिन पहले फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 (Flydubai Flight FZ1073) में एक बड़ा हादसा होने से भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी ने टाल दिया। घायल होने के बाद भी उन्होंने विमान को सुरक्षित लैड कराया। उनकी बहादूरी को देश-विदेश में सहराया जा रहा है। ऐसे में आज 2 अक्टूबर महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल (PM Modi Video Call) के जरिए कैप्टन स्मित मच्छार से बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी ने फ्लाइट में हुए हमले के बीच उनकी हिम्मत, सूझ-बूझ और संयम की सराहना की।
बता दें कि पीएम मोदी के साथ बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित बहुत ही अधिक भावुक हो गए थे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बात करने को अपने लिए बेहद खास पल बताया और कहा कि वह उन्हें अपना बड़ा आदर्श मानते हैं।
स्मित हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे
इस बातचीत के समय कैप्टन स्मित ने पीएम मोदी को बताया कि वह मुश्किल समय में ‘हनुमान चालीसा का पाठ’ (Hanuman Chalisa ka Path) करते हैं। जिस समय फ्लाइट में हमला हुआ, उस वक्त भी वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि हनुमान जी (Hanuman) ने ही सभी की जान बचाई।
मुश्किल वक्त में हनुमान चालीसा ने दिया हौसला
बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने कहा कि जब भी मैं कभी मुश्किल में होता हूं, तो हनुमान चालीसा का पाठ करता हूं। हमले के वक्त भी मैंने वही किया और जिससे मुझे काफी हिम्मत मिली। उन्होंने बताया कि अगर वह समय रहते कॉकपिट का दरवाजा नहीं खोल पाते तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। कैप्टन ने बताया कि को-पायलट (Co-pilot) के हमले के बाद विमान की स्थिति काफी मुश्किल हो गई थी। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और कॉकपिट का दरवाजा (Cockpit Door) खोल दिया। इसके बाद क्रू मेंबर्स (Crew Members) और यात्रियों ने मिलकर हमलावर को काबू किया।
PM मोदी ने कहा- देश को आप पर गर्व है
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित (Captain Smith) की बहादुरी की तारीफ की और कहा कि पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा था। उन्होंने कहा कि भारत गर्व से कह सकता है कि भारतीय दूसरों की जान लेने वाले नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले लोग हैं। पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान कैप्टन की मां गीता बेन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने बेटे की बहुत अच्छी परवरिश की है और उसे भगवद्गीता (Bhagavad Gita) के मूल्यों एवं शिक्षाओं से जोड़ा है।
An unforgettable conversation with Captain Smit, filled with pride and emotions. pic.twitter.com/CCf46PKOWR
— Narendra Modi (@narendramodi) October 2, 2026
PM मोदी ने X पर भी की थी तारीफ
वही, इस घटना के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि कैप्टन ने गंभीर खतरे के बीच अदम्य साहस, धैर्य और सूझ-बूझ का परिचय दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रयास जारी रखा। बता दें कि पीएम मोदी ने यह भी कहा था कि कैप्टन के साहस और संकल्प ने एक बड़े हादसे को टालने में मदद की और सैकड़ों लोगों की जान बचाई। दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के शताब्दी समारोह के दौरान भी प्रधानमंत्री ने इस घटना का उल्लेख करते हुए कैप्टन स्मित के धैर्य और साहस की प्रशंसा की।
फ्लाइट में क्या हुआ था?
खबरों के मुताबिक, कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smit Machhar) दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 उड़ा रहे थे। उड़ान के दौरान उनके को-पायलट (co-pilot) ने कॉकपिट में उन पर चाकू से अचानक हमला कर दिया। हमले के कारण कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए और विमान की स्थिति कुछ समय बेकाबू हो गई थी। बताया गया कि विमान करीब 14,000 फीट नीचे चला गया था। इसके बाद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद क्रू मेंबर्स और यात्रियों ने हमलावर पर काबू पाया। विमान में मौजूद एक डॉक्टर ने कैप्टन का प्राथमिक उपचार किया और खून रोकने में मदद की। इसके बाद एक अन्य पायलट ने विमान का नियंत्रण संभाला और फ्लाइट की तबूक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग (Emergency landing at Tabuk Airport) कराई।
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