Jamia Millia Islamia News: जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने का फैसला किया है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 24 नवंबर 2026 तक सभी कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित होंगी। इसके साथ ही विषम सेमेस्टर की प्रैक्टिकल (Odd-Semester Practicals) और थ्योरी परीक्षाएं भी ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी। प्रशासन ने परीक्षाओं से लेकर शीतकालीन अवकाश (Winter Vacation) और नए सेमेस्टर की शुरुआत तक का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय (University Registrar’s Office) ने 28 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया। बताया गया है कि कैंपस की स्थिति और विद्यार्थियों की सुरक्षा की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। बैठक में डीन, विभागाध्यक्षों और अन्य अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।
Jamia Exam Schedule 2026: कब होंगी परीक्षाएं?
जामिया प्रशासन (Jamia Administration) ने विषम सेमेस्टर के लिए पढ़ाई और परीक्षाओं की तारीखें निर्धारित कर दी हैं। छात्रों को इन तारीखों के अनुसार अपनी तैयारी करने की सलाह दी गई है।
- ऑनलाइन कक्षाएं: 24 नवंबर 2026 तक
- प्रैक्टिकल और वाइवा: 25 से 30 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन मोड में
- थ्योरी परीक्षाएं: 1 दिसंबर से 24 दिसंबर 2026 तक ऑनलाइन
- विंटर वेकेशन: 25 दिसंबर 2026 से 12 जनवरी 2027 तक
- नए सेमेस्टर की शुरुआत: 13 जनवरी 2027 से
प्रैक्टिकल, फील्ड वर्क, प्रोजेक्ट और माइनर प्रोजेक्ट से जुड़े वाइवा भी निर्धारित अवधि में ऑनलाइन होंगे। प्रशासन ने सभी संकाय अध्यक्षों और निदेशकों को निर्देश दिया है कि ऑनलाइन कक्षाओं और परीक्षाओं का संचालन व्यवस्थित तरीके से किया जाए। साथ ही विद्यार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जाए।
कैंपस में तोड़फोड़ पर शिक्षा मंत्री ने जताई नाराजगी
दूसरी ओर, जामिया मिल्लिया इस्लामिया परिसर (Jamia Millia Islamia Campus) में हुई तोड़फोड़ की घटना को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि नकाब पहनकर हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दिल्ली पुलिस से मामले में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की अपील की।
शिक्षा मंत्री ने छात्र संघ चुनाव (Student Union Elections) का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय में 2006 के बाद से छात्र संघ के चुनाव नहीं हुए हैं। उन्होंने बताया कि आखिरी चुनाव के दौरान हिंसा की घटना के बाद चुनाव प्रक्रिया रोक दी गई थी। इसके बाद से चुनाव कराने की मांग उठती रही है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व इन मांगों की आड़ में विश्वविद्यालय विरोधी गतिविधियों में शामिल हुए। उन्होंने यह भी कहा कि पहले हुई कार्रवाई को लेकर कुछ लोगों ने निर्दोष छात्रों को निशाना बनाए जाने की शिकायत की थी।
छात्रों की शिकायतों के लिए 7 सदस्यीय कमेटी
छात्रों की मांगों और शिकायतों पर विचार करने के लिए 7 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है। इसमें वरिष्ठ डीन और प्रोफेसरों को शामिल किया गया है। यह कमेटी छात्रों के मुद्दों की जांच करेगी और उनकी शिकायतों पर विचार करेगी। शिक्षा मंत्री ने साफ किया कि छात्रों की जायज मांगों पर चर्चा की जा सकती है, लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ स्वीकार नहीं की जाएगी। मामले में पुलिस शिकायत दर्ज होने की जानकारी भी दी गई है। अब दिल्ली पुलिस से कैंपस में तोड़फोड़ करने वालों की पहचान करने की अपील की गई है। इस बीच, ऑनलाइन कक्षाओं और परीक्षाओं के नए शेड्यूल के चलते जामिया के विद्यार्थियों को दिसंबर तक अपनी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी ऑनलाइन माध्यम से करनी होगी। छात्रों को विश्वविद्यालय की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों के अनुसार आगे की तैयारी करनी चाहिए।
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