Ayodhya में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की एंट्री पर रोक, जगतगुरु परमहंस आचार्य ने दी सख्त चेतावनी, कहा- सीएम योगी से मांगों माफी

सीएम योगी पर अभद्र टिप्पणी से भड़का संत समाज

Ayodhya News: अयोध्या भगवान श्री राम की भूमि में प्रवेश करने को लेकर इन दिनों एक नया विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, यह मामला अयोध्या में संत समाज के बीच का है। जहां तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अयोध्या में प्रवेश न देने की सख्त चेतावनी दी गई है। बताया जा रहा है कि यह चेतावनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कथित अभद्र टिप्पणियों के बाद दी गई है।

बता दें कि जगतगुरु परमहंस आचार्य ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने बयान वापस नहीं लेते है और साथ ही वह मुख्यमंत्री योगी से माफी नहीं मांग लेते हैं, तब तक उन्हें अयोध्या और भगवान श्री राम मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

खबरों के मुताबिक, अयोध्या का यह विवाद मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) के दिन प्रयागराज के संगम क्षेत्र से शुरू हुआ। दरअसल, उसी दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को रथ सहित त्रिवेणी संगम घाट पर जाने से पुलिस ने रोक दिया था। उन्हें स्नान की अनुमति नहीं दी गई, जिसके बाद से वहां स्थिति काफी हद तक तनावपूर्ण हो गई। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस कार्रवाई को पुलिस की बर्बरता बताते हुए नाराजगी जताई है और मेला प्रशासन तथा पुलिस के खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

इसी दौरान उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) को लेकर कई तरह के तंज कसे गए, लेकिन जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद  ने बयान दिया, तो यह मामला और भी अधिक तूल पकड़ लिया। इस तरह से यह मामला अब प्रयागराज से निकलकर अयोध्या तक पहुंच गया है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अयोध्या में एंट्री नहीं
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अयोध्या में एंट्री नहीं

संत समाज में बढ़ी नाराजगी

मुख्यमंत्री योगी (Chief Minister Yogi) पर की गई टिप्पणियों को लेकर संत समाज के एक बड़े वर्ग में नाराजगी जताई जा रही है। इसमें तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान को लेकर निंदा की है। जहां उन्होंने कहा कि एक संत को इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के विकास (Development of Uttar Pradesh) और सनातन धर्म के हित में लगातार काम कर रहे हैं।

वही, जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि संत समाज की गरिमा बनाए रखना सभी संतों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी परिस्थिति में अभद्र भाषा या व्यक्तिगत टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने इसे संत परंपरा के खिलाफ बताते हुए नाराजगी जताई है।

माफी तक नहीं मिलेगी अयोध्या में एंट्री

अयोध्या में एंट्री को लेकर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने साफ कहा है कि यह चेतावनी व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि सिद्धांतों के आधार पर दी गई है। उन्होंने कहा कि जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सार्वजनिक रूप से अपने शब्द वापस नहीं लेते है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से माफी नहीं मांग लेते हैं, तब तक उन्हें अयोध्या में प्रवेश नहीं करने की अनुमित है।

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