उत्तराखंड सरकार ने साल 2026 की चार धाम यात्रा को लेकर नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इस बार सरकार ने खास तौर पर यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन बढ़ती भीड़ और ऊंचाई वाले इलाकों में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए इस बार नियम पहले से ज्यादा सख्त कर दिए गए हैं।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुआ अनिवार्य (Online Registration Mandatory)
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब चार धाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी यात्री को यात्रा करने या मंदिर में दर्शन की अनुमति नहीं मिलेगी। सरकार ने वेबसाइट और मोबाइल ऐप बना दिया है, जहां आप पहले से अपनी यात्रा की तारीख और बाकी डिटेल्स आसानी से भर सकते हैं।
सरकार का कहना है कि इससे भीड़ कंट्रोल में रहेगी और अगर कोई इमरजेंसी होती है, तो यात्रियों की जानकारी तुरंत मिल जाएगी।
बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट जरूरी (Medical Fitness Certificate)
इस बार 55 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों और दिल या अस्थमा जैसी पुरानी बीमारी वाले यात्रियों के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जरूरी कर दिया गया है। ये सर्टिफिकेट किसी रजिस्टर्ड डॉक्टर से बनवाना होगा।
खासकर केदारनाथ जैसे ऊंचाई वाले धामों के लिए यह नियम सख्ती से लागू होगा। सरकार का मानना है कि हर साल कई लोग बिना स्वास्थ्य जांच के यात्रा पर निकल पड़ते हैं, जिससे रास्ते में गंभीर समस्याएं हो जाती हैं।
यात्रा से पहले हेल्थ स्क्रीनिंग जरूरी (Health Screening)
अब यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले अपनी पूरी शारीरिक जांच करवानी होगी। इसमें ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल और अन्य जरूरी जांच शामिल हो सकती हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि यात्रा के दौरान किसी भी स्वास्थ्य जोखिम को कम किया जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई वाले इलाकों में ऑक्सीजन की कमी के कारण कई बार स्वस्थ लोग भी बीमार पड़ जाते हैं, ऐसे में पहले से जांच बेहद जरूरी है।
हेल्थ एडवाइजरी: आराम और पानी बेहद जरूरी
सरकार ने यात्रियों के लिए हेल्थ एडवाइजरी भी जारी की है। इसमें साफ कहा गया है कि यात्रा के दौरान हर 5-10 मिनट में थोड़ा आराम करें और खुद को हाइड्रेटेड रखें।डॉक्टरों का कहना है कि लगातार चलने या चढ़ाई करने से शरीर पर दबाव बढ़ता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए धीरे-धीरे चलना और पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है।
मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरा बैन (Mobile Ban in Temple)
केदारनाथ समेत कुछ प्रमुख मंदिरों के गर्भगृह में मोबाइल फोन और कैमरा ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे मंदिरों की पवित्रता बनी रहेगी और भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। हालांकि मंदिर परिसर के बाहर सामान्य उपयोग की अनुमति होगी, लेकिन गर्भगृह के अंदर सख्ती से नियम लागू किए जाएंगे।
हेलिकॉप्टर बुकिंग भी रजिस्ट्रेशन से जुड़ी (Helicopter Booking Rules)
जो यात्री केदारनाथ के लिए हेलिकॉप्टर सेवा का उपयोग करते हैं, उनके लिए भी नई व्यवस्था लागू की गई है। अब हेलिकॉप्टर की बुकिंग केवल उन्हीं यात्रियों के लिए संभव होगी, जिन्होंने पहले से रजिस्ट्रेशन कराया हो। इसका मकसद फर्जी बुकिंग और गड़बड़ी को रोकना है, ताकि यात्रियों को साफ-सुथरी और सुरक्षित सुविधा मिल सके।
यात्रियों के लिए सरकार की खास सलाह
सरकार ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी उम्र और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर ही यात्रा की योजना बनाएं। अगर किसी को पहले से कोई गंभीर बीमारी है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। इसके अलावा यात्रियों को पहले से बुकिंग कराने, मौसम की जानकारी लेने और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने की सलाह दी गई है। पहाड़ी इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर खास ध्यान (Crowd Management)
हर साल चार धाम यात्रा में बढ़ती भीड़ को देखते हुए इस बार प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का दावा किया है। जगह-जगह मेडिकल टीम, हेल्थ चेकअप सेंटर और इमरजेंसी सेवाएं तैनात की जाएंगी। सरकार का कहना है कि इन नए नियमों का मकसद यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव देना है, न कि उन्हें परेशान करना।
चार धाम यात्रा 2026 के लिए जारी नई गाइडलाइंस यह साफ करती हैं कि अब यात्रा पहले से ज्यादा व्यवस्थित और सुरक्षित होने जा रही है। हालांकि नियम थोड़े सख्त जरूर हैं, लेकिन इनका पालन करना हर यात्री की जिम्मेदारी है। अगर श्रद्धालु इन निर्देशों का सही तरीके से पालन करते हैं, तो उनकी यात्रा न केवल सुरक्षित होगी बल्कि अनुभव भी और बेहतर हो सकेगा।
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