Delhi ISI Network: दिल्ली में आईएसआई समर्थित नेटवर्क का बड़ा खुलासा, 7 संदिग्ध गिरफ्तार, पाकिस्तान से जुड़े कनेक्शन

दिल्ली में आईएसआई समर्थित नेटवर्क का बड़ा खुलासा

Delhi ISI Network: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राष्ट्रीय राजधानी में सक्रिय पाकिस्तान समर्थित एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने 7 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर काम कर रहा था और दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में गंभीर आपराधिक और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी में जुटे हुए थे।

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों (Security Agencies) की निगरानी में थे। इनकी गतिविधियों पर नजर रखने के बाद विशेष अभियान चलाकर इन्हें अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किए गए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन लोगों के तार सीधे पाकिस्तान में मौजूद कथित हैंडलर्स शहजाद भट्टी और उसके करीबी सहयोगी अजमल गुज्जर से जुड़े हुए थे।

पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे आरोपी

स्पेशल सेल के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी लगातार सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और अन्य डिजिटल माध्यमों (Digital Media) के जरिए पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में थे। जांच में यह भी पता चला है कि उन्हें समय-समय पर विभिन्न प्रकार के निर्देश दिए जाते थे। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि नेटवर्क के सदस्य किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गतिविधियां केवल दिल्ली तक सीमित नहीं थीं। इनके संपर्क देश के अन्य राज्यों तक भी फैले हुए थे। यही कारण है कि मामले की जांच को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

हथियार और ड्रग्स तस्करी का बड़ा खुलासा

पूछताछ के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच में पता चला है कि यह नेटवर्क सीमा पार से अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी में भी शामिल था। पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स की मदद से हथियार, गोला-बारूद और हेरोइन (Ammunition and Heroin) जैसी नशीली वस्तुओं की खेप भारत में पहुंचाई जाती थी।

इसके बाद नेटवर्क से जुड़े लोग इन सामानों को दिल्ली-एनसीआर और अन्य इलाकों में अपराधियों तथा संदिग्ध तत्वों तक पहुंचाते थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस अवैध कारोबार से होने वाली कमाई का उपयोग राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और अन्य गैरकानूनी कार्यों के लिए किया जा सकता था।

बड़ी साजिश नाकाम करने का दावा

दिल्ली पुलिस का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई ने एक बड़े खतरे को टाल दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार यदि यह नेटवर्क सक्रिय रहता तो राजधानी और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती पैदा हो सकती थी।

स्पेशल सेल (Special Cell) अब आरोपियों के डिजिटल उपकरणों, बैंकिंग लेन-देन और विदेशी संपर्कों की जांच कर रही है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग अभी भी सक्रिय हैं या नहीं। जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए कई राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों (Central Agencies) के साथ समन्वय कर रही हैं।

फंडिंग नेटवर्क की जांच जारी

जांच का एक अहम पहलू नेटवर्क की फंडिंग (Network Funding) से जुड़ा हुआ है। अधिकारियों को संदेह है कि हवाला चैनलों और अवैध कारोबार के जरिए धन जुटाया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई नए सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इस नेटवर्क का संबंध किसी अन्य संगठित गिरोह या अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से था। मामले में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

राजधानी की सुरक्षा पर विशेष नजर

दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों (Central Security Agencies) ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। जांच एजेंसियां लगातार ऐसे आंतकी नेटवर्कों पर कार्रवाई (Action Against Terrorist Networks) कर रही हैं जो सीमा पार से संचालित होकर भारत की सुरक्षा और शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं।

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