Delhi School Advisory: स्वाइन फ्लू को लेकर दिल्ली अलर्ट, सीएम रेखा गुप्ता ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग, स्कूलों के लिए जारी एडवाइजरी

स्वाइन फ्लू को लेकर दिल्ली अलर्ट

Delhi School Advisory: राजधानी में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर दिल्ली सरकार एक्शन मोड़ में है। दरअसल, इन दिनों दिल्ली में करीब 3,000 H1N1 मामले सामने आ चुके हैं, जिसके चलते बच्चों में इसका खतरा फैला रहा है। इस बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इमरजेंसी मीटिंग की, जिसमें दिल्ली सरकार की ओर से सभी अस्पतालों और स्कूलों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है।

बता दें कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा है कि राजधानी में H1N1 (Swine Flu) की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन फिर भी हमें सावधान रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर, दवाइयां और इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

अस्पतालों को दिए गए सख्त निर्देश

वहीं, H1N1 यानी स्वाइन फ्लू (Swine Flu) के मामलों को देखते हुए दिल्ली के सभी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने अस्पतालों को मरीजों के इलाज और बेड की उपलब्धता को लेकर विशेष निर्देश भी जारी कर दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि जरूरत पड़ने पर मरीजों को अस्पताल में बेड उपलब्ध करवाएं। किसी मरीज को बेड देने से इनकार करने की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली के स्कूलों के लिए भी एडवाइजरी

H1N1 के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को भी एडवाइजरी जारी कर दी गई है। साथ ही स्कूलों से छात्रों और कर्मचारियों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली स्कूल एडवाइजरी में गले में खराश, खांसी, बुखार, ठंड लगना, शरीर में दर्द, सिरदर्द, थकान और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है।

  • स्कूलों में छात्रों को खांसते या छींकते समय नाक और मुंह ढकने, नियमित रूप से हाथ धोने और आंख, नाक व मुंह को बार-बार छूने से बचने की सलाह दी गई है।
  • सांस संबंधी लक्षण वाले लोगों से उचित दूरी बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करने को भी कहा गया है।
  • इसके अलावा कक्षाओं, कॉमन एरिया और बार-बार छुई जाने वाली जगहों की नियमित सफाई, पर्याप्त वेंटिलेशन और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • छात्रों को पर्याप्त पानी पीने, पौष्टिक भोजन लेने और पूरी नींद व आराम करने के लिए भी प्रेरित करने को कहा गया है।
  • सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या दूसरी दवाएं नहीं लेनी चाहिए।
  • एडवाइजरी की जानकारी प्रार्थना सभा, कक्षाओं, नोटिस बोर्ड, अभिभावकों और स्कूल के डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।

H1N1 को लेकर घबराने की जरूरत नहीं

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग (Delhi Health Department) के द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, दिल्ली में इन दिनों H1N1 को लेकर सावधानी जरूरी है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार संक्रमण की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अस्पतालों में जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का दावा कर रही है।

पानी और सीवर व्यवस्था पर भी सरकार का फोकस

स्वाइन फ्लू मामले के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली की दूसरी बुनियादी समस्याओं को लेकर भी सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को दूर करने को लेकर हर एक प्रयास किए जा रहे हैं।

  • मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राजधानी के कई इलाकों में लोगों के पास अब तक पानी के कनेक्शन की सुविधा नहीं थी। वहीं, कई जगहों पर दशकों पुरानी सीवर लाइनें मौजूद हैं।
  • केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने दिल्ली के लिए 2,500 करोड़ रुपये के लोन को मंजूरी दी है। इस राशि से दिल्ली जल बोर्ड के जरिए पानी की सप्लाई बेहतर करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया जाएगा।
  • वजीराबाद वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ी परियोजनाओं के लिए पहले पैकेज में 805 करोड़ रुपये और दूसरे पैकेज में 935 करोड़ रुपये के कामों को मंजूरी मिल चुकी है।
  • इसके अलावा अर्बन चैलेंज फंड के जरिए भी दिल्ली में नई परियोजनाएं शुरू करने की योजना है। इसके तहत केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की ओर से फंड दिया जाएगा, जबकि बाकी राशि दिल्ली जल बोर्ड बाजार से लोन के जरिए जुटाएगा।
  • इन योजनाओं के तहत अंडरग्राउंड रिजर्वायर, बेहतर पानी की पाइपलाइन और DMA मीटरिंग सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

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