JPSC-JSSC Exam Cancelled: सफल अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी! परीक्षा रद्द करने के फैसले पर कोर्ट ने लगाई रोक, जानें क्या है मामला?

JPSC-JSSC Exam Cancelled: सफल अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी

JPSC-JSSC Exam Cancelled: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर अब एक और नया विवाद खड़ा हो गया है। जहां कुछ दिन पहले ही राज्य सरकार ने परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया था। दरअसल, अब उस फैसले पर आज गुरुवार के दिन झारखंड हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। अदालत के इस बड़े फैसले से परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा को अब रद्द नहीं किया जाएगा, इसके लिए कोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश को ही रद्द कर दिया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में की गई। अदालत ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर काउंटर एफिडेविट (Counter Affidavit) यानी जवाबी हलफनामा दाखिल करने के भी निर्देश दिए है।

कोर्ट के सामने होंगे परीक्षा रद्द के दस्तावेज

मिली जानकारी के अनुसार, हाई कोर्ट के आदेश के बाद से परीक्षा रद्द नहीं होगी और साथ ही अब सरकार को परीक्षा रद्द करने के अपने फैसले पर और उससे जुड़े सभी दस्तावेज अदालत के सामने पेश करने होंगे। जिसकी अगली सुनवाई 15 सितंबर को दोपहर 2:15 बजे तक की जाएगी।

राज्य सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने का लिया था फैसला

बता दें कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं (Recruitment Examinations in Jharkhand) में कथित गड़बड़ियों को लेकर पिछले कई दिनों से अभ्यर्थी के द्वारा आंदोलन जारी था। यह छात्र आंदोलन लगभग 26 दिनों तक चला, इस दौरान राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की थी। इसके बाद राज्य सरकार ने 2014 से अब तक JPSC, JSSC और एक आउटसोर्स एजेंसी के जरिए आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का भी फैसला लिया था। इसके साथ ही 23 अन्य परीक्षाओं की जांच कराने के आदेश भी जारी कर दिए थे। इससे आंदोलन कर रहे छात्रों में खुशी देखने को मिली थी, लेकिन दूसरी ओर झारखंड सरकार के इस फैसले से उन अभ्यर्थियों में नाराजगी काफी अधिक बढ़ गई, जिन्होंने कड़ी मेहनत से परीक्षाओं को पास किया था और सरकारी नौकरी (Sarkari Naukri) हासिल की थी।

खबरों के अनुसार, सफल अभ्यर्थियों का कहना था कि अगर परीक्षा में कुछ उम्मीदवारों ने गड़बड़ी की है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन पूरी सरकारी भर्ती परीक्षा रद्द (Government Recruitment Exam Cancelled) करने से ईमानदारी से परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के लिए यह एक तरह की सजा है, जो उन्हें बिना किसी गुनाह के मिल रही है।

करीब 2 हजार सफल अभ्यर्थी प्रभावित

JSSC संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (JSSC-CGL) समेत कई भर्ती परीक्षाओं में सफल करीब 2,000 अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले का जमकर विरोध किया है। देखा जाए तो इस परीक्षाओं में से कई अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है और वे अलग-अलग सरकारी विभागों में काम भी शुरू कर चुके हैं। ऐसे में उन लोगों का है कि उन्होंने अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर परीक्षा पास की है। सरकार या फिर कुछ लोगों की वजह से परीक्षा में कथित गड़बड़ी के लिए सभी सफल उम्मीदवारों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।

इसके बाद सैकड़ों सफल अभ्यर्थियों ने इस मामले को लेकर झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील अमृतांशु वत्स ने अदालत में दलील दी कि पूरी परीक्षा को रद्द करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है। उनका कहना था कि कथित तौर पर गड़बड़ी करने वाले अभ्यर्थियों और निष्पक्ष तरीके से परीक्षा को अपनी मेहनत से पास करने वाले उम्मीदवारों के बीच अंतर किया जाना चाहिए।

नियुक्ति का रास्ता साफ होने की उम्मीद

परीक्षा मामले के इस पहलू को देखते हुए हाईकोर्ट ने परीक्षा रद्द के फैसले पर रोक आदेश के बाद सफल अभ्यर्थियों को तत्काल राहत मिली है। वहीं याचिकाकर्ता के वकील के मुताबिक, भर्ती परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगने से सफल उम्मीदवारों की नियुक्ति और उनकी सेवा से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने का रास्ता फिलहाल पूरी तरह से साफ है। वहीं दूसरी तरफ से असफल अभ्यर्थियों (Unsuccessful Candidates) की ओर से कुमार हर्ष ने इंटरवेंशन एप्लीकेशन भी कोर्ट में दाखिल की है। अब इस मामले में सरकार और सभी संबंधित पक्षों की दलीलों के बाद अदालत आगे का फैसला लेगी।

ये भी पढ़ें: ChatGPT for Teens: बच्चों के लिए नया AI मोड लॉन्च, जानें खास सेफ्टी फीचर्स और पेरेंटल कंट्रोल कैसे करेगा काम

Recent Posts