Factory Blast: महाराष्ट्र के नागपुर जिले से आज सुबह-सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। दरअसल, जिले की कटोल तहसील के राउलगांव इलाके में स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड (SBL Energy Limited) की विस्फोटक फैक्ट्री में शुक्रवार के दिन जोरदार धमाका हुआ, जिसमें कई लोगों को मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 मजदूरों की मौत हो चुकी है और 18 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
बता दें कि प्रशासन के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ, जब फैक्ट्री के अंदर खनन और औद्योगिक इस्तेमाल के लिए विस्फोटक को तैयार किया जा रहा था। ऐसे में अचानक से एक धमाके की आवाज आई, जो कि इतनी तेज थी कि उसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन और लोग घरों से बाहर निकल आए।
हादसे के समय फैक्ट्री में 25 से 30 मजदूर थे
खबरों के अनुसार, इस विस्फोट के समय फैक्ट्री यूनिट (Factory Unit) के अंदर करीब 25 से 30 मजदूर अपना काम हर दिन की तरह कर रहे थे, लेकिन उन्हें इस बात का बिल्कुल भी आभास नहीं था, कि आज उनका काम पर आखिरी दिन हो सकता है। फैक्ट्री में धमाके (Explosion in Factory) के तुरंत बाद भीषण आग लग गई और चारों ओर काले धुएं का गुबार बन गए। देखते ही देखते कुछ ही पलों में पूरी यूनिट तबाही का मंजर बन गई।
इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। एनडीआरएफ की टीमें (NDRF Teams) बचाव कार्य में जुटी गई। फैक्ट्री की आग (Factory Fire) पर काबू पाने के साथ-साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि कुछ मजदूर अभी भी मलबे के नीचे दबे हैं।
#WATCH | Nagpur, Maharashtra | 15 people died, 18 critically injured after an explosion at SBL Energy Limited in Nagpur: Harssh Poddar, SP, Nagpur Rural
NDRF team is also present here. pic.twitter.com/WatYhpXNyM
— ANI (@ANI) March 1, 2026
घायलों का इलाज जारी
फैक्ट्री में आग लगने के बाद घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नागपुर के नजदीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है और साथ ही कुछ लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
एसबीएल एनर्जी लिमिटेड (SBL Energy Limited) खनन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले भारी विस्फोटक बनाती है। इस मामले की शुरुआती जांच से यह आशंका जताई गई है कि बारूद के मिश्रण या पैकिंग के दौरान तकनीकी खामी के चलते यह विस्फोट हुआ। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा।
हादसे के बाद फैक्ट्री के बाहर मजदूरों के परिजनों की भारी भीड़ जमा हो गई है। अपनों को खोने का गम और घायलों की चिंता से माहौल बेहद गमगीन है। ऐसे में इस फैक्ट्री में मौजूद कई परिजन प्रशासन से मुआवजे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग के लिए विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
उच्च स्तरीय जांच के आदेश (High-level inquiry ordered)
बताया जा रहा है कि इस घटना को लेकर प्रशासन की तरफ से उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों में किसी तरह की लापरवाही मिलती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल राहत और बचाव कार्य प्राथमिकता पर है, ताकि किसी और जान को बचाया जा सके।
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