NCORD Meeting 2026: भारत सरकार ने देश को नशा मुक्त (Drug-Free India) बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वर्ष 2029 तक का राष्ट्रीय रोडमैप तैयार कर लिया है। दरअसल, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित नार्को-कोऑर्डिनेशन (NCORD) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि भारत की नशे के खिलाफ लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और अगले तीन वर्ष यह तय करेंगे कि देश ड्रग्स के नेटवर्क (Drug Networks) पर पूरी तरह विजय प्राप्त करेगा या यह चुनौती और गंभीर होगी।
इस अहम बैठक के दौरान गृह मंत्री ने साफ कहा है कि मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह देश की आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक स्थिरता, आर्थिक विकास और युवाओं के भविष्य से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय, आधुनिक तकनीक के उपयोग और समाज की भागीदारी के साथ इस चुनौती का सामना करने का आह्वान किया।
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को दी श्रद्धांजलि
अपने संबोधन की शुरुआत में अमित शाह ने महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के पुनर्निर्माण का मंत्र और राष्ट्र की चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 26 जून को अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोध दिवस (Day Against Drug Abuse and Illicit Trafficking) के अवसर पर आयोजित यह बैठक देश के लिए विशेष महत्व रखती है।
ड्रग्स की समस्या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी
गृह मंत्री ने आज के कार्यक्रम में यह भी कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी अब केवल अपराध का विषय नहीं रह गई है। इसका सीधा संबंध संगठित अपराध, नार्को-टेरर फंडिंग और सीमा पार संचालित आतंकी नेटवर्क से है। इसलिए इस चुनौती का मुकाबला भी समन्वित रणनीति और संयुक्त प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और संबंधित एजेंसियों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और इसे जन आंदोलन का स्वरूप दें।
आधुनिक तकनीकों से बढ़ी चुनौती
अमित शाह ने कहा कि भारत की भौगोलिक स्थिति ‘डेथ ट्रायंगल’ और ‘डेथ क्रिसेंट’ के बीच होने के कारण मादक पदार्थों की तस्करी की चुनौती और अधिक जटिल हो गई है। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब ड्रग्स तस्कर पारंपरिक तरीकों के बजाय ड्रोन, समुद्री मार्ग, कंटेनर कार्गो, डार्क नेट, क्रिप्टोकरेंसी भुगतान और पार्सल आधारित सप्लाई जैसे आधुनिक माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में एजेंसियों को भी इंटेलिजेंस आधारित, तकनीक संचालित और नेटवर्क केंद्रित रणनीति अपनानी होगी।
Addressing the 10th Apex-Level Meeting of the NCORD and launching the Vision Document on Narcotics Control to shield the nation from the menace of drugs, in New Delhi. https://t.co/S0tNhc2ZJ1
— Amit Shah (@AmitShah) June 26, 2026
तस्करों पर सख्ती, पीड़ितों के लिए संवेदनशीलता
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार की नीति (Government Policy) दोहरी होगी। एक ओर ड्रग तस्करों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, वहीं दूसरी ओर नशे की गिरफ्त में आए युवाओं के प्रति संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे के शिकार लोगों का पुनर्वास, उपचार और समाज की मुख्यधारा में पुनर्स्थापन सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने संत समाज, युवाओं, मातृशक्ति और सामाजिक संगठनों से भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
2026 से 2029 तक का राष्ट्रीय रोडमैप तैयार
अमित शाह ने यह भी कहा कि साल 2026 से 2029 तक के लिए नशा मुक्त भारत (Drug-Free India) का व्यापक राष्ट्रीय रोडमैप तैयार कर लिया गया है। यह रोडमैप चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों के साथ समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि इस रोडमैप को तैयार करने में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के महानिदेशक अनुराग गर्ग और उनकी टीम ने सभी राज्यों, मंत्रालयों और संबंधित एजेंसियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया है। इसमें प्रत्येक लक्ष्य, समय-सीमा और जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है। गृह मंत्री ने कहा कि एक वर्ष बाद इस योजना की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अगले दो वर्षों की रणनीति को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
At the 10th Apex-Level Meeting of NCORD held in New Delhi today, launched an online Drugs Disposal Fortnight Campaign, setting a target to destroy 209,500 kilograms of narcotic substances worth over ₹6,000 crore.
Also, inaugurated the NCB's zonal office in Guwahati and a new… pic.twitter.com/Ig7yylo0xx
— Amit Shah (@AmitShah) June 26, 2026
12,525 करोड़ रुपये के ड्रग्स नष्ट
बैठक के दौरान गृह मंत्री ने ड्रग विनिष्टीकरण पखवाड़ा का शुभारंभ भी किया। इस अवसर पर देशभर में एक ही दिन में 12,525 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों का विनष्टीकरण किया गया, जिसे उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान की बड़ी सफलता बताया है। इस दौरान एनसीबी की वार्षिक रिपोर्ट, ‘नशा मुक्त भारत 2029’ विज़न डॉक्यूमेंट जारी किया गया। साथ ही एनसीबी के **गुवाहाटी और जम्मू जोनल कार्यालयों** का ई-लोकार्पण भी किया गया।
परिणाम आधारित हों NCORD की बैठकें
अमित शाह ने कहा कि बैठकों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण उनके परिणाम होते हैं। उन्होंने बताया कि 9वीं और 10वीं NCORD बैठक के बीच देशभर में 15,876 जिला स्तरीय, 266 राज्य स्तरीय और 7 कार्यकारी स्तर की बैठकें आयोजित की गईं।
उन्होंने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों से कहा कि अब बैठकों को पूरी तरह परिणाम आधारित बनाया जाए, जहां केवल समीक्षा ही नहीं बल्कि लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन और उनकी प्रगति का भी मूल्यांकन हो।
2047 तक विकसित भारत के साथ नशा मुक्त भारत का लक्ष्य
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2047 तक विकसित भारत (Developed India) के साथ-साथ नशा मुक्त भारत का भी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसे हासिल करने के लिए तैयार राष्ट्रीय रोडमैप ‘होल ऑफ गवर्नमेंट’ और ‘होल ऑफ सोसाइटी’ दृष्टिकोण पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में 20 से अधिक मंत्रालयों और एजेंसियों की भूमिकाएं साफ रूप से तय की गई हैं, जिससे किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं रहेगा। साथ ही नागरिकों को जागरूक करना केंद्र और राज्य सरकारों के सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी होगी।
इसके अलावा, अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों, मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों से समयबद्ध तरीके से लक्ष्यों को पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा, जब सरकार, समाज और प्रत्येक नागरिक मिलकर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाएंगे।
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