NEET-UG 2026 पेपर लीक: CBI ने 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई, जानें दोषियों के नाम

सीबीआई ने करीब 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आज मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि दिल्ली समेत अन्य राज्यों में प्रदर्शन के दौरान करीब 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल की गई है, जिन्हें बुधवार को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast-Track Court) में पेश किया जाएगा। इस मामले की जांच सीबीआई की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) के द्वारा की जा रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक, सीबीआई जांच के दौरान पेपर लीक (Paper leak) की पूरी साजिश, उससे जुड़े लोगों और लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों तक की कड़ी का खुलासा किया गया है। यहां जानें पूरी खबर

13 आरोपियों को बनाया गया आरोपी

जानकारी के लिए बता दें कि सीबीआई की चार्जशीट (CBI Charge Sheet) में यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार को आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

इन धाराओं के तहत दर्ज हुए मामले

वहीं, जांच एजेंसी ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और सबूत नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

360 गवाह और 422 दस्तावेज बने अहम सबूत

देखा जाए तो सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट में 360 गवाहों के बयान, 422 दस्तावेज और 43 भौतिक साक्ष्य है। ऐसे में एजेंसी का कहना है कि इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत मामला है।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

बताया जा रहा है कि भारत सरकार (Government of India) के उच्च शिक्षा विभाग ने 12 मई 2026 को ही NEET-UG 2026 परीक्षा में अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत दर्ज करवा दी थी। बता दें कि यह परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी। शिकायत मिलने के तुरंत बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज (CBI Registers FIR) कर जांच शुरू की।

पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI)
पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI)

92 स्थानों पर हुई छापेमारी

पेपर लीक मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने 72 अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ 8 साइबर फॉरेंसिक की टीम को तैयार किया। जांच के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान डिजिटल डिवाइस, मोबाइल फोन, लैपटॉप, दस्तावेज और अन्य जरूरी चीजें मिली, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई गई।

पेपर लीक की पूरी साजिश का हुआ खुलासा

सीबीआई के अनुसार, प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक कर दिया गया था और इसे कई बिचौलियों के माध्यम से अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया। जांच में पेपर लीक (Paper leak) के स्रोत से लेकर लाभ पाने वाले उम्मीदवारों तक पूरी चेन का पता लगाया गया है।

NTA के तीन विशेषज्ञ भी गिरफ्तार

इस मामले में पहली गिरफ्तारी 13 मई 2026 को हुई थी। अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़े रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और भौतिकी विषय के तीन विशेषज्ञ भी शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों ने लीक प्रश्नपत्र प्राप्त किए और फिर उन्हें आगे वितरित किया था।

मनी ट्रेल की भी हुई जांच

सीबीआई ने आरोपियों के कई बैंक खाते, बैंक लॉकर और एक डीमैट खाता फ्रीज (Demat Account Freeze) कर दिए है। साथ ही डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट, हस्तलेखन विशेषज्ञों और अकादमिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट भी जुटाई है। इन रिपोर्टों से यह साफ तौर पर पता चलता है कि प्रश्नपत्र परीक्षा (Examination Question Paper) से पहले ही कई लोगों तक पहुंच चुकी थी।

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