बंगाल में PM मोदी ने दीं 5 बड़ी गारंटी, आखिरी दिन की रैली में किए बड़े ऐलान

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण से पहले प्रचार के आखिरी दिन प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बैरकपुर में एक बड़ी चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि इस बार राज्य में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलेगा। उन्होंने कहा कि 4 मई को नतीजे आने के बाद वह एक बार फिर बंगाल आएंगे और इस बार उनका दौरा शपथ ग्रहण समारोह के लिए होगा।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत बैरकपुर के ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि 1857 की पहली आजादी की लड़ाई को इसी धरती से ताकत मिली थी और आज यही जमीन बंगाल में बदलाव की नई कहानी लिखने जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में एक ही नारा गूंज रहा है—“पलटनो दरकार, चाई बीजेपी सरकार”, जो यह दिखाता है कि जनता बदलाव के मूड में है।

जनता का समर्थन और भावनात्मक जुड़ाव

रैली के दौरान पीएम मोदी ने लोगों के साथ अपने जुड़ाव का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें लोगों से जो पत्र, संदेश और चित्र मिलते हैं, वे उनके लिए बेहद खास होते हैं। वह रात में समय निकालकर इन्हें पढ़ते हैं और लोगों की भावनाओं को समझने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने कहा कि उनके लिए जनता ही उनका परिवार है और उनके बीच रहकर उन्हें सुकून मिलता है। अपने लंबे राजनीतिक जीवन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह कई दशकों से देश के लिए काम कर रहे हैं और पार्टी द्वारा दी गई हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाया है।

रैलियों को बताया ‘तीर्थ यात्रा’ जैसा अनुभव

प्रधानमंत्री ने अपने चुनाव प्रचार को एक अलग तरह का अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि इस बार की रैलियां और रोड शो उनके लिए किसी ‘तीर्थ यात्रा’ से कम नहीं रहे। भीषण गर्मी और लगातार कार्यक्रमों के बावजूद उन्हें थकान महसूस नहीं हुई, क्योंकि जनता का उत्साह उन्हें लगातार ऊर्जा देता रहा।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी दूर-दूर तक लोगों की भीड़ लगी रहती थी। यह देखकर वह दोबारा पूरे जोश के साथ लोगों के बीच पहुंच जाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि मां काली के भक्तों के बीच जाकर उन्हें विशेष ऊर्जा का अनुभव हुआ।

बैरकपुर से पांच बड़ी गारंटियां

रैली के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बंगाल की जनता के लिए पांच अहम गारंटियों का एलान किया। उन्होंने कहा कि ये वादे राज्य के विकास और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर किए गए हैं।

  • पहली गारंटी के तहत उन्होंने कहा कि रेहड़ी-पटरी पर काम करने वाले लोगों को बैंक के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि उनका व्यवसाय मजबूत हो सके। 
  • दूसरी गारंटी में उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकारी भर्तियां तय समयसीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएंगी।
  • तीसरी गारंटी के रूप में उन्होंने कहा कि रोजगार मेलों के जरिए युवाओं को सीधे नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। 
  • चौथी गारंटी के तहत उन्होंने राज्य में सातवें वेतन आयोग को लागू करने का वादा किया।
  • पांचवीं और महत्वपूर्ण गारंटी में प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य से पलायन रोकने के लिए गांवों में 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि लोगों को अपने ही क्षेत्र में काम मिल सके।

तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के पास राज्य के विकास के लिए कोई स्पष्ट योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि टीएमसी ने अपने 15 साल के शासन का कोई ठोस हिसाब जनता के सामने नहीं रखा है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में सिंडिकेट राज और अवैध गतिविधियां बढ़ी हैं, जिन्हें खत्म करना जरूरी है। उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि बंगाल की जनता एक नई दिशा चुने।

कालीबाड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना

रैली से पहले प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कोलकाता के प्रसिद्ध Thanthania Kalibari Temple में पूजा-अर्चना कर मां काली का आशीर्वाद लिया। यह मंदिर करीब 300 साल पुराना है और श्रद्धालुओं के बीच गहरी आस्था का केंद्र माना जाता है।

चुनावी माहौल और आगे की राह

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। बैरकपुर विधानसभा सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है, जहां भाजपा, टीएमसी और वाम दलों के बीच कड़ी टक्कर है।प्रचार के अंतिम दिन पीएम मोदी की यह रैली चुनावी दृष्टि से काफी अहम मानी जा रही है। उन्होंने अपने भाषण के जरिए विकास, रोजगार और पारदर्शिता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और  मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश की।

बैरकपुर की इस रैली में प्रधानमंत्री ने भावनात्मक जुड़ाव, ऐतिहासिक संदर्भ और विकास के वादों के जरिए चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। अब सबकी नजर 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी है, जो तय करेंगे कि बंगाल की जनता किसे सत्ता की कमान सौंपती है।

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