PoK Protest: पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। देखा जाए तो इन स्थान पर आंदोलन चला रहे है और उनके संगठनों का दावा है कि बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की गई, जिसके बाद से लोगों में नाराजगी काफी अधिक बढ़ गई है। इसी बीच, आंदोलन से जुड़े कुछ नेताओं का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे भारतीय सीमा (Indian Border) से लगे जम्मू-कश्मीर के लोगों से मानवीय सहायता की अपील करते दिखाई दे रहे हैं।
बता दें कि अभी तक सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो (Viral video on social media) में किए गए दावों की सही से पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में मामला गंभीर स्थिति का रूप ले रहा है।
राशन और दवाइयों की कमी का दावा
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) से जुड़े नेता सरदार अमन खान लोगों को संबोधित करते नजर आते हैं। वीडियो में वह दावा करते हैं कि पीओके के कई इलाकों में राशन और दवाइयों की भारी कमी है, जिससे आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने भारतीय सीमा (Indian Border) से लगे मेंढर, पुंछ, राजौरी और डोडा के लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर संभव है, तो वह मानवीय आधार पर उनकी मदद जरूर करें। उनके अनुसार, स्थानीय लोगों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों का संकट गहराता जा रहा है।
LoC को लेकर दिया बड़ा बयान
अपने संबोधन के दौरान अमन खान ने नियंत्रण रेखा (LoC) को लेकर भी अपने विचारों को व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि दोनों ओर रहने वाले लोगों के बीच दूरी खत्म होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने प्रदर्शनकारियों से पूछा कि क्या उन्हें आगे बढ़ना चाहिए। इस पर वहां मौजूद भीड़ ने समर्थन में नारे लगाए। देखा जाए तो इस तरह के बयानों को लेकर किसी भी आधिकारिक एजेंसी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आंदोलन में बढ़ रहा आक्रोश
पीओके में आंदोलन से जुड़े नेताओं का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कार्रवाई की गई और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। वहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले कई सप्ताह से वे लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया।
इसके अलावा, आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल शौकत नवाज मीर को नजरबंद किए जाने के बाद प्रदर्शन और तेज होने का दावा किया जा रहा है। आंदोलनकारी इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बता रहे हैं।
लोगों से एकजुट होने की अपील
वायरल वीडियो में आंदोलनकारियों ने श्रीनगर, बारामूला, पुंछ, जम्मू, लद्दाख और गिलगित-बाल्टिस्तान सहित पूरे क्षेत्र के लोगों से एकजुट होने की अपील भी की है। उनका कहना है कि वे अपने अधिकारों और बेहतर जीवन स्थितियों की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से क्षेत्र के लोगों को आर्थिक कठिनाइयों, महंगाई और आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इन्हीं मुद्दों को लेकर आंदोलन चलाया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Social Media Platform) पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे पीओके में बढ़ते असंतोष का संकेत बता रहे हैं, जबकि कई विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल वीडियो और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। अब तक किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था या स्वतंत्र एजेंसी ने वीडियो में किए गए सभी दावों की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इन दावों को सावधानी के साथ देखा जाना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
पिछले कुछ समय से पीओके में महंगाई (Inflation in PoK), बिजली संकट, खाद्य सामग्री की उपलब्धता और प्रशासनिक नीतियों को लेकर समय-समय पर विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं। हालिया घटनाओं के बाद आंदोलन ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। प्रदर्शनकारी सरकार पर सख्ती बरतने का आरोप लगाए गए हैं, जबकि दूसरी ओर आधिकारिक स्तर पर इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में पीओके की स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के वायरल वीडियो और दावे सामने आ रहे हैं, जिनपर अभी पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता है।
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