Sonam Wangchuk Hunger Strike: अभी भी अनशन जारी रखेंगे सोनम वांगचुक, अस्पताल से जारी की चिट्ठी, बताई अपनी शर्तें

अस्पताल से चिट्ठी जारी कर अनशन जारी रखने का ऐलान

Sonam Wangchuk Hunger Strike: दिल्ली में चल रहे आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आज अस्पताल से चिट्ठी लिखकर साफ संदेश दिया है कि वह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखेंगे, यह इतनी आसानी से खत्म नहीं होगा। अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने आज 20 जुलाई, 2026 सोमवार शाम को एक हाथ से चिट्ठी लिखी, जिसमें उन्होंने कहा कि जब तक आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेताओं को सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती या सांसद स्वयं अस्पताल आकर उनसे मुलाकात नहीं करते, तब तक वह अपना अनशन जारी रखेंगे।

बता दें कि वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपना जानकारी साझा की है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि आंदोलनकारियों के प्रति एकजुटता जताते हुए कहा कि वह छात्रों की मांगों के समर्थन में अपने फैसले पर कायम हैं।

‘पुलिस की कार्रवाई देखकर लिया फैसला’

अस्पताल के बेड से लिखे अपने नोट में सोनम वांगचुक ने बताया कि उनका अनशन 23वें दिन में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने लिखा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसे देखकर उन्होंने अपना उपवास जारी रखने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि उनका अनशन तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक छात्र नेताओं को संसद भवन (Parliament House) में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती या उन्हें अस्पताल में छात्रों से मिलने की इजाजत नहीं मिलती। वांगचुक ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान उकसावे के बावजूद छात्रों ने संयम और शांति बनाए रखी, जो सराहनीय है।

सरकार और पुलिस से की अपील

अपने संदेश में सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने सरकार और दिल्ली पुलिस से अपील करते हुए कहा कि छात्रों को संसद के सामने अपनी बात रखने और जनप्रतिनिधियों से संवाद करने का अवसर दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि बातचीत के जरिए ही इस पूरे विवाद का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई है कि संबंधित पक्ष जल्द कोई सकारात्मक पहल करेंगे ताकि आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान संभव हो सके।

संसद मार्च के दौरान बढ़ा तनाव

संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session of Parliament) के पहले दिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च के लिए निकले। प्रदर्शनकारी नीट-यूजी पेपर लीक मामले (NEET-UG paper leak Case) में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इसके अलावा,  दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था (Delhi Police Security Arrangements) का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया। इस कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल (The Protest site at Jantar Mantar) को खाली करा दिया गया, जहां सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अनशन पर बैठे थे।

कार्रवाई के बाद भी आंदोलन जारी

दिल्ली पुलिस कार्रवाई (Delhi Police Action) के बावजूद आंदोलनकारी पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। छात्र संगठनों और प्रदर्शनकारियों ने दोबारा जंतर-मंतर के आसपास एकत्र होकर आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। इस आंदोलन से जुड़े प्रमुख अभिजीत दीपके ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारी लगातार सरकार से बातचीत और अपनी मांगों पर निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।

जेपी नड्डा को सौंपा गया ज्ञापन

वहीं, इस बीच आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे की मांग, सोनम वांगचुक की रिहाई से जुड़े मुद्दे तथा नीट परीक्षा से जुड़े कथित घटनाक्रम में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने जैसी मांगें शामिल बताई गई हैं। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत का कोई रास्ता निकलता है या नहीं।

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