West Bengal News: पश्चिम बंगाल में CJP समर्थक के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। दरअसल, बंगाल के बांकुड़ा जिले में एक CJP समर्थक के घर पर हमला किया गया, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति सीजेपी समर्थक के पिता था।
मिली जानकारी के लिए अनुसार, यह दर्दनाक घटना इंदास थाना क्षेत्र के करिगुंडा गांव की है। मृतक की पहचान शेख मोहम्मद मफीक के रूप में हुई है। उनकी पत्नी हसीना बेगम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में 10 से 15 लोगों पर हमले का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। खबर है कि इन सभी आरोपियों को ही विष्णुपुर उप-विभागीय अदालत में पेश किया गया है।
दिल्ली आंदोलन में शामिल हुआ था CJP समर्थक
खबरों के मुताबिक, करिगुंडा गांव निवासी शेख अब्दुल हफीज CJP समर्थक है। वह 19 जुलाई को दिल्ली आंदोलन में भी शामिल हुआ था। इसके बाद वह 27 जुलाई को गांव लौटने के बाद वह पार्टी के निर्देश पर 13 अगस्त को करिगुंडा पश्चिमपाड़ा प्राइमरी स्कूल पहुंचा। जहां उन्होंने स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था का जायजा लिया। ऐसे में आरोप है कि स्कूल के हेडमास्टर काशीनाथ दे ने उसे अगले दिन आने के लिए कहा था। इसके बाद कुछ लोगों ने कथित तौर पर हफीज के साथ मारपीट की।
रात में घर पर पहुंचा हमलावरों का समूह
स्कूल विवाद (School Dispute) के बाद रात के समय कुछ लोग हफीज के घर पहुंचा। जहां उनसे ऊपर हमलावरों ने कथित तौर पर लाठी, लोहे की छड़ और अन्य लोहे के सामान से परिवार पर हमला किया। बताया गया है कि हफीज किसी तरह घर के अंदर जाकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन हमलावरों ने उनके पिता शेख मोहम्मद मफीक को बुरी तरह पीट दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया और घायल मफीक को इंदास ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (Health Centre) पहुंचाया गया। उनकी हालत गंभीर होने पर 15 अगस्त को उन्हें बर्धमान मेडिकल कॉलेज (Bardhaman Medical College) और अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि, इलाज के दौरान 15 अगस्त की रात उनकी मौत हो गई।
8 आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
मफीक की मौत के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। उनकी पत्नी हसीना बेगम ने इंदास थाने में लिखित शिकायत देकर 10 से 15 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बंगाल पुलिस (Bengal Police) ने मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी को विष्णुपुर उप-विभागीय अदालत में पेश किया गया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे। फिलहाल पुलिस के द्वारा इस पूरे मामले को लेकर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटना के पीछे राजनीतिक विवाद था या स्थानीय स्तर का कोई अन्य विवाद, इसकी भी जांच की जा रही है।
शुभेंदु अधिकारी ने BJP से कनेक्शन से किया इनकार
पी इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिल रही है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने BJP का इस घटना से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि इस मामले में BJP का कोई कनेक्शन नहीं है। उन्होंने आरोपियों को अपराधी बताते हुए कहा कि कानून के मुताबिक उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनके बयान के बाद यह साफ है कि बीजेपी सरकार (BJP Government) इस घटना से खुद को अलग रख रही है और मामले में कानूनी कार्रवाई की बात कर रही है।
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी घटना को लेकर पुलिस जांच की जरूरत बताई। उन्होंने कहा है कि अगर ऐसी घटना हुई है तो FIR दर्ज होनी चाहिए और पुलिस को पूरे मामले की सही से जांच करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा है कि घटना स्थानीय विवाद का परिणाम हो सकती है। उन्होंने दिल्ली में हुए CJP आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में लोग उस प्रदर्शन में शामिल हुए थे, लेकिन अन्य जगहों से इस तरह की घटना सामने नहीं आई।
अग्निमित्रा पॉल बोलीं- दोषी को नहीं बचाएगी BJP
वहीं, राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने भाजपा सरकार (BJP Government) पर आरोप लगाते हुए कहा है कि किसी भी गलत काम में शामिल व्यक्ति को बचाने की कोशिश नहीं करेगी। देश में बड़ी संख्या में BJP कार्यकर्ता हैं और हर व्यक्ति के चरित्र की जिम्मेदारी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष या मुख्यमंत्री की नहीं हो सकती।
उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि अगर किसी भी व्यक्ति ने कानून तोड़ा है या अपराध किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाएगा और ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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