West Bengal Exit Poll 2026: एग्जिट पोल में BJP आगे या TMC करेगी वापसी? नतीजों से पहले सस्पेंस, पढ़ें पूरी खबर

West Bengal Exit Poll 2026

West Bengal Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम चरण का मतदान आज सफलतापूर्वक खत्म हुआ, जिसके बाद से ही एग्जिट पोल के आंकड़ों (Exit Poll 2026) से सियासी माहौल गरमा हुआ है। दरअसल, करीब 15 साल से बंगाल की सत्ता पर ममता बनर्जी का शासन है, लेकिन इस बार उनके इस ‘अजेय किले’ को कड़ी चुनौती मिलती दिख रही है। बताया जा रहा है कि कई एग्जिट पोल (Exit Poll) में भारतीय जनता पार्टी को बढ़त मिलती नजर आ रही है, जिससे अभी तक यह संकेत मिल रहा है कि राज्य की राजनीति में इस बार बड़ा बदलाव हो सकता है।

एग्जिट पोल में किसे कितनी सीटें?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए आए अलग-अलग एग्जिट पोल के नतीजे चौंकाने वाले हैं। कई एजेंसियों ने भाजपा को स्पष्ट बढ़त दी है, जबकि कुछ ने टीएमसी की वापसी (TMC’s Return) का अनुमान जताया है।

  • PMarq एग्जिट पोल के मुताबिक, भाजपा को 150 से 175 सीटें मिल सकती हैं, जबकि टीएमसी 118 से 138 सीटों पर सिमट सकती है।
  • चाणक्य स्ट्रैटेजीज ने भाजपा को 150-160 सीटें और टीएमसी को 130-140 सीटें दी हैं।
  • Matrize एग्जिट पोल ने भाजपा के लिए 146-161 सीटों का अनुमान जताया है, वहीं टीएमसी को 125-140 सीटें मिल सकती हैं।
  • POV डायरी के अनुसार भाजपा 142-171 सीटों के बीच रह सकती है, जबकि टीएमसी 99-127 सीटों तक सीमित हो सकती है।
  • देखा जाए तो अभी तक तो सभी एग्जिट पोल भाजपा के पक्ष में नहीं हैं।
  • Peoples Pulse ने टीएमसी को 177-187 सीटें दी हैं।
  • Janmat Polls ने तो टीएमसी को 195-205 सीटों तक का अनुमान दिया है।
BJP vs TMC
BJP vs TMC

‘मिशन बंगाल’ का असर दिखा?

बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल में जोरदार रैलियां कीं। भाजपा ने भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। वहीं, भाजपा का दावा है कि जनता बदलाव चाहती है और यही वजह है कि इस बार पार्टी को ऐतिहासिक समर्थन मिल सकता है। पार्टी नेताओं का मानना है कि ‘डबल इंजन सरकार’ का नारा भी मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है।

टीएमसी को महिला वोटर्स पर भरोसा

वहीं, टीएमसी को भरोसा है कि उसकी कल्याणकारी योजनाएं और महिला वोटर्स इस बार भी जीत की कुंजी साबित होंगे। लक्ष्मी भंडार, स्वास्थ्य योजनाएं और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को लेकर पार्टी ने मजबूत पकड़ बनाई है। बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार दावा किया कि बंगाल की जनता बाहरी ताकतों को स्वीकार नहीं करेगी और एक बार फिर ‘दीदी’ पर भरोसा जताएगी।

बंगाल में बदलाव या भरोसे का संकेत?

इस बार पश्चिम बंगाल में करीब 90% से ज्यादा मतदान किया गया है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। भाजपा इसे बदलाव की लहर मान रही है, जबकि टीएमसी इसे अपने समर्थन का संकेत बता रही है। उच्च मतदान अक्सर सत्ता परिवर्तन का संकेत देता है, लेकिन बंगाल की राजनीति में यह धारणा हर बार सही साबित नहीं होती।

एग्जिट पोल हो सकते हैं गलत

अगर पिछले चुनाव की बात करें, तो साल 2021 में भी कई एग्जिट पोल से यह अनुमान लगाया गया था कि भाजपा जीत रही है, लेकिन नतीजों में टीएमसी ने 215 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा 77 सीटों पर सिमट गई थी। इसलिए इस बार भी एग्जिट पोल के आंकड़ों को अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता। कई बार जमीनी हकीकत और एग्जिट पोल के अनुमान में बड़ा अंतर देखने को मिलता है।

4 मई को साफ होगी तस्वीर

अब सबकी नजर 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी है। यही दिन तय करेगा कि क्या भाजपा पहली बार बंगाल में सरकार बना पाएगी या फिर टीएमसी एक बार फिर सत्ता में वापसी करेगी।

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