West Bengal Politics News: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान नाराज हुई। उनकी नाराजगी के बाद बंगाल की सियासत तेज हो गई है। दरअसल, बंगाल सरकार ने राष्ट्रपति के सम्मान के मामले में सारी हदें पार कर दी हैं और यह बेहद शर्मनाक है, जिसपर राष्ट्रपति ने भी अपना बयान दिया और कहा कि जब किसी राज्य में राष्ट्रपति का दौरा होता है, तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों की मौजूदगी भी होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि वह भी बंगाल की बेटी हैं और ममता दीदी को अपनी छोटी बहन मानती हैं, लेकिन उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी।
राष्ट्रपति के सम्मान में सारी हदें पार: पीएम मोदी
राष्ट्रपति बयान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर निशाना साधा और कहा कि बंगाल सरकार ने राष्ट्रपति के सम्मान के मामले में सारी हदें पार कर दी हैं और यह बेहद शर्मनाक है।
दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पश्चिम बंगाल के दौरे पर संथाल इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने पहुंची थीं। यह कार्यक्रम सिलीगुड़ी महकमा परिषद के फांसीदेवा क्षेत्र में आयोजित किया गया था। लेकिन कार्यक्रम स्थल को लेकर राष्ट्रपति ने नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि आयोजन की जगह काफी छोटी थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में संथाल समुदाय के लोग कार्यक्रम में शामिल ही नहीं हो पाए।
राष्ट्रपति ने जताई नाराजगी
कार्यक्रम के बाद जब राष्ट्रपति एक अन्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विधाननगर मैदान पहुंचीं, तो उन्होंने आयोजन को लेकर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि जगह छोटी होने के कारण सम्मेलन फांसीदेवा में रखा गया है। लेकिन जब उन्होंने विधाननगर मैदान देखा तो उन्हें हैरानी हुई।
राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें ऐसा लगा कि प्रशासन नहीं चाहता था कि ज्यादा संथाली लोग कार्यक्रम में पहुंचें। उन्होंने कहा कि शायद यह सोचा गया होगा कि राष्ट्रपति आएं, कार्यक्रम में शामिल हों और वापस चली जाएं।
उन्होंने कहा कि इस बात से उन्हें काफी दुख हुआ है, क्योंकि यह कार्यक्रम संथाल संस्कृति और समुदाय से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन था।
This is shameful and unprecedented. Everyone who believes in democracy and the empowerment of tribal communities is disheartened.
The pain and anguish expressed by Rashtrapati Ji, who herself hails from a tribal community, has caused immense sadness in the minds of the people… https://t.co/XGzwMCMFrT
— Narendra Modi (@narendramodi) March 7, 2026
ममता बनर्जी की गैरमौजूदगी पर भी सवाल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अनुपस्थिति को लेकर भी नाराजगी जताई गई है। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रपति किसी राज्य के दौरे पर आते हैं, तो मुख्यमंत्री और राज्य के मंत्री कार्यक्रम में मौजूद रहते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा, “मुख्यमंत्री मैडम कार्यक्रम में नहीं पहुंचीं। मुझे नहीं पता कि ऐसा क्यों हुआ। मैं भी बंगाल की बेटी हूं और ममता मेरी छोटी बहन की तरह हैं। शायद किसी बात का गुस्सा होगा।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है और वह किसी से कोई गिला-शिकवा नहीं रखतीं।
पीएम मोदी का टीएमसी पर हमला
राष्ट्रपति के इस बयान के सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक घटना है।
उन्होंने कहा, “यह पहली बार है जब किसी राज्य सरकार पर राष्ट्रपति के सम्मान को लेकर ऐसे सवाल उठे हैं। जो लोग लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास रखते हैं, उनके लिए यह बेहद निराशाजनक है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि खुद आदिवासी समाज से आने वाली राष्ट्रपति की पीड़ा ने पूरे देश के लोगों को दुखी कर दिया है।
राष्ट्रपति पद की गरिमा का सम्मान जरूरी
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर होता है और उसकी गरिमा का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार का प्रशासन इस घटना के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी कहा कि संथाल संस्कृति और आदिवासी समाज से जुड़े इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम को लेकर राज्य सरकार का रवैया लापरवाही भरा दिखाई देता है।
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