Income Tax Refund: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के बाद रिफंड का काफी इंतजार करना पड़ता है, लेकिन इस बार असेसमेंट ईयर (AY) 2025-26 में रिफंड में काफी देरी हो रही है। बताया जा रहा है कि, विभाग की सख्त जांच के अनुसार लाखों टैक्सपेयर्स का रिफंड अभी भी अटका हुआ है। जिसमें सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 तक AY 2025-26 के लिए लगभग 8.80 करोड़ ITR फाइल हुए हैं। जिसमें से करीब 8.66 करोड़ वेरिफाई हो चुके हैं और 8.02 से 8.15 करोड़ प्रोसेस हो गए हैं। इससे 50 लाख से 63 लाख तक ITR अभी भी पेंडिंग हैं, जिनमें ज्यादातर मामलों में रिफंड बाकी है।
रिफंड में देरी होने के कारण (Reasons for Refund Delay)
- दरअसल, ITR में दी गई आय और फॉर्म 26AS या AIS में दिख रही जानकारी में मिसमैच होना है।
- बैंक अकाउंट डिटेल्स गलत या वैलिड नहीं होना।
- ITR फाइल करने के 30 दिनों के अंदर ई-वेरिफाई न करना।
- डिडक्शन (कटौती) पर असेसिंग ऑफिसर (AO) को संदेह होना, जिसके लिए नोटिस जारी होता है और स्पष्टीकरण नहीं देने पर रिफंड रुक जाता है।
- विभाग की सख्त जांच और ‘नudge’ कैंपेन जैसी अतिरिक्त चेकिंग।
- कभी-कभी तकनीकी या बैकएंड प्रोसेसिंग में देरी।
जानें रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें (Refund Status Check)
जानकारी के लिए बता दें कि सबसे पहले इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल (incometax.gov.in) पर लॉगिन करें। ‘e-File’ > ‘Income Tax Returns’ > ‘View Filed Returns’ पर जाएं। यहां स्टेटस दिखेगा। जैसे ‘Refund Issued’, ‘Under Processing’ या ‘Refund Returned’ (यदि बैंक डिटेल गलत होने से रिफंड वापस आ गया हो)।
इसके अलावा TIN-NSD पोर्टल पर PAN और असेसमेंट ईयर डालकर भी स्टेटस देख सकते हैं।
अगर स्टेटस ‘Under Processing’ दिख रहा है और काफी टाइम हो गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं। बेंगलुरु में स्थित सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) से संपर्क करें। हेल्पलाइन नंबर: 1800-103-0025, 1800-419-0025 या +91-80-46122000, +91-80-61464700। कॉल करते समय PAN और असेसमेंट ईयर तैयार रखें।

शिकायत कैसे दर्ज करें (How to File a Complaint)
बता दें कि, ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन कर ‘Grievances’ > ‘Submit Grievance’ चुनें। ‘CPC-ITR’ विभाग और ‘Refund related’ कैटेगरी सिलेक्ट करें। समस्या को सही तरीके से लिखें।
e-Nivaran पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। क्योंकि, यह एक ऑफिशियल पोर्टल है, जहां उच्च अधिकारी शिकायतों की निगरानी करते हैं। पुराने पत्राचार या नोटिस का रेफरेंस जरूर दें। साथ ही, ध्यान रखें यदि देरी विभाग के कारण से है, तो रिफंड पर सेक्शन 244A के तहत 0.5% प्रति माह ब्याज मिलता है। वहीं, विभाग पारदर्शी प्रक्रिया चला रहा है, इसलिए सही जानकारी और समय पर फॉलो-अप से रिफंड जल्द मिल सकता है। टैक्सपेयर्स को सलाह है कि ईमेल और पोर्टल को समय अनुसार चेक करें।
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