LPG Users Good News: एलपीजी यूजर्स और उद्योगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब से भारत सरकार ने एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं और उद्योगों को बड़ी राहत देते हुए नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड एलपीजी (Non-Domestic Packed LPG) पर लगाए गए अधिकांश प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटा दिया है। बता दें कि केंद्र सरकार के इस अहम फैसले के बाद होटल, रेस्टोरेंट, फैक्ट्रियां, छोटे उद्योग और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को पहले की तरह पर्याप्त मात्रा में एलपीजी की सुविधा मिलेगी। साथ ही बल्क एलपीजी (Bulk LPG) की सप्लाई भी आंशिक रूप से बहाल कर दी गई है।
देखा जाए तो सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ महीनों से कई व्यावसायिक और औद्योगिक इकाइयां गैस की सीमित आपूर्ति (Limited Supply of Gas) के कारणों परेशान का सामना कर रही थीं। ऐसे में यह नई व्यवस्था इन सेक्टर्स को बड़ी राहत देगी।
पश्चिम एशिया संकट के कारण लगाए गए थे प्रतिबंध
जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन में आई बाधाओं के चलते भारत सरकार ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं (Domestic LPG Consumers) को प्राथमिकता दी थी। उस दौरान यह सुनिश्चित करना जरूरी था कि देश के करोड़ों परिवारों को रसोई गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
इसी वजह से सरकार ने व्यावसायिक और औद्योगिक उपयोग के लिए एलपीजी आपूर्ति पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए थे। आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत विशेष आदेश जारी कर C3 और C4 हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम्स को पेट्रोकेमिकल उद्योगों की बजाय एलपीजी उत्पादन के लिए इस्तेमाल करने का निर्णय लिया गया था।
अब देश में सामान्य हो रही है गैस सप्लाई
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, भारत में एलपीजी की उपलब्धता पहले की तुलना में बेहतर हो रही है, जिसका असर अब साफ तौर पर देखा जा सकता है। दरअसल, इन दिनों घरेलू उत्पादन में वृद्धि हुई है और आयातित एलपीजी कार्गो की सप्लाई भी सामान्य हो रही है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड (Non-Domestic Packed) एलपीजी की आपूर्ति को लगभग पूरी तरह बहाल करने का फैसला लिया है। इससे होटल उद्योग, रेस्टोरेंट व्यवसाय, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और छोटे कारोबारियों को बड़ा फायदा मिलेगा।

बल्क LPG सप्लाई भी शुरू
सरकार ने केवल पैक्ड एलपीजी (Packed LPG) ही नहीं बल्कि बल्क एलपीजी की सप्लाई को भी दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है। हालांकि फिलहाल इसे संकट से पहले की खपत के 50% स्तर तक ही बहाल किया गया है। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में यदि सप्लाई की स्थिति और बेहतर होती है तो बल्क एलपीजी (Bulk LPG) की उपलब्धता को पूरी तरह सामान्य किया जा सकता है। इससे बड़े उद्योगों और उत्पादन इकाइयों को काफी राहत मिलेगी।
पेट्रोकेमिकल उद्योगों को भी मिलेगा फायदा
भारत सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि C3-C4 हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम्स को अब फिर से पेट्रोकेमिकल और अन्य महत्वपूर्ण उद्योगों को आवंटित होगी। हालांकि घरेलू एलपीजी (Domestic LPG) उपभोक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।सरकार ने यह सुनिश्चित करने का फैसला किया है कि देश में प्रतिदिन कम से कम 40 हजार मीट्रिक टन एलपीजी उत्पादन जारी रहे। इसी उद्देश्य से सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी (CHT) को नई आवंटन व्यवस्था तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
PNG नेटवर्क के विस्तार पर रहेगा फोकस
सरकार एलपीजी के साथ-साथ पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दे रही है। जिन व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के पास पहले से PNG कनेक्शन मौजूद हैं, उन्हें उसी का उपयोग जारी रखने के लिए कहा गया है। वहीं, जिन शहरों और क्षेत्रों में PNG नेटवर्क उपलब्ध है, वहां एलपीजी उपभोक्ताओं को धीरे-धीरे PNG से जोड़ने की योजना पर काम जारी रहेगा। सरकार का मानना है कि PNG अधिक सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है।
उद्योगों और कारोबारियों को बड़ी राहत
ऐसे में ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि सरकार का यह फैसला होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग, छोटे उद्योगों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए राहत भरा साबित होगा। इससे उत्पादन गतिविधियों को गति देखने को मिलेगी और कारोबारियों की लागत संबंधी चिंताएं भी कम होंगी।
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