Union Budget 2026: Budget 2026 को लेकर काफी सवाल उठ रहें हैं। वहीं, 1 फरवरी के बाद से स्मार्टफोन सस्ते होंगे या महंगे। दरअसल, इंडस्ट्री को टैक्स से राहत और लोकल मैन्युफैक्चरिंग से ज्यादा उमीद है। वहीं, अगर सरकार समर्थन देती है तो स्मार्टफोन की कीमतें कम हो सकती हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि ( बजट 2026) 1 फरवरी रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में पेश करेंगी। वहीं, इस खास बजट से आम लोगों से लेकर इंडस्ट्री तक को काफी उम्मीदें हैं। जिसमें, सबसे ज्यादा स्मार्टफोन की कीमतों को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये सस्ते होंगे या महंगे?

बजट 2026 के बाद स्मार्टफोन सस्ते होंगे या महंगे (smartphone prices after Budget 2026)
दरअसल, पिछले कुछ महीनों में स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ी हैं। जिसकी, मुख्य वजह है कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की बढ़ती मांग। वहीं, AI डेटा सेंटर में हाई-एंड मेमोरी चिप्स (जैसे DRAM और NAND) की बहुत जरूरत पड़ रही है। ऐसे में स्मार्टफोन के इस्तेमाल होने वाली चिप्स की कमी हो गई है और उनकी कीमतें 40% तक बढ़ गई हैं। जिसमें एक्सपर्ट्स का कहना है कि, 2026 में स्मार्टफोन की कीमत 6-9% तक बढ़ सकती है। वहीं, बजट और मिड-रेंज फोन (₹10,000-₹30,000) सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। जिसमें, प्रोडक्शन कॉस्ट 8-15% तक बढ़ने की आशंका है, जिसका बोझ ग्राहकों पर पड़ सकता है। बता दें कि, कई कंपनियां कीमत बढ़ाने या फीचर्स कम करने की तैयारी में हैं।
बजट 2026 को लेकर इंडस्ट्री की उम्मीदें क्या हैं (Budget 2026 industry expectations)
बता दें कि, स्मार्टफोन सेक्टर में घरेलू कंपनियां भी बढ़ रही हैं। जिसमें इंडस्ट्री चाहती है कि, बजट 2026 में भारत में कोर कंपोनेंट्स (जैसे कैमरा मॉड्यूल, बैटरी, PCB, चार्जर) की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिल सके। वहीं, अभी ज्यादातर पार्ट्स चीन से आते हैं। अगर लोकल प्रोडक्शन बढ़ेगा तो लंबे समय में फोन सस्ते हो सकते हैं। वहीं, AI+ स्मार्टफोन्स के CEO माधव सेठ का कहना है कि, भारत अब सिर्फ असेंबली नहीं, बल्कि कोर कंपोनेंट्स और R&D पर फोकस करे। AI इंटीग्रेटेड डिवाइसेज की वजह से कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन सरकार को डीप वैल्यू क्रिएशन के लिए सपोर्ट देना चाहिए।
जिसपर, Indkal टेक्नोलॉजी के CEO आनंद दुबे का कहना है कि, सरकार से मजबूत पॉलिसी चाहिए ताकि मैन्युफैक्चरिंग और तेज हो सके। वहीं, इससे नौकरियां बढ़ेंगी और भारत ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत बनेगा। जिसमें कुल मिलाकर, 1 फरवरी के बाद तुरंत स्मार्टफोन सस्ते होने की उम्मीद कम है। AI चिप्स की कमी से कीमतें और बढ़ सकती हैं। लेकिन अगर बजट में लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बड़ी राहत मिली तो भविष्य में फोन सस्ते हो सकते हैं।
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