SIR Protest Big Update: राजधानी में बीते कुछ दिनों से एसआईआर के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है। 10 अक्टूबर यानी शनिवार को भी जोरदार प्रदर्शन किया गया। ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। CJP की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रविवार को एक बार फिर जंतर-मंतर कूच करने की घोषणा की गई। वहीं, पार्टी के प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद संगठन ने आंदोलन की जिम्मेदारी अजिंक्य शिंदे (Ajinkya Shinde) को सौंप दी है।
बता दें कि CJP पार्टी की ओर से यह घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन
CJP के संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि पार्टी अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके साथ ही रविवार को दोबारा जंतर-मंतर (Jantar Mantar) की ओर मार्च करने का ऐलान किया गया।
पार्टी का कहना है कि वह अपने विरोध को आगे भी जारी रखेगी। रविवार को होने वाले मार्च को लेकर अब सबकी नजरें दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर रहेंगी।
अभिजीत दीपके की दादी का निधन, परिवार परेशान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अजिंक्य शिंदे ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि दीपके की दादी का निधन हो गया है, लेकिन परिवार को उनसे संपर्क करने में परेशानी हो रही है।
शिंदे के मुताबिक, परिवार उन्हें इस दुखद खबर की जानकारी भी नहीं दे पा रहा है। उन्होंने कहा कि दीपके के ठिकाने का पता नहीं चल पा रहा है और उनके वकील भी उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस से दीपके को तुरंत रिहा करने की मांग की।
हिरासत से पहले दीपके ने रिकॉर्ड किया था वीडियो
वहीं, अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिए जाने के बाद अजिंक्य शिंदे ने प्रदर्शन की कमान संभाली है। बताया गया है कि दीपके ने हिरासत में लिए जाने की आशंका के बीच पहले ही एक वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया था। जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि अगर लोग उनका यह संदेश देख रहे हैं, तो इसका मतलब है कि उन्हें, सौरभ दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने अपने समर्थकों से अजिंक्य शिंदे का साथ देने और उनकी गैरमौजूदगी में आंदोलन जारी रखने की अपील की। इस संदेश को सोशल मीडिया (Social Media) पर भी साझा किया गया है। दीपके के हिरासत में लिए जाने के बाद पार्टी के सामने आंदोलन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी शिंदे के नेतृत्व में बनी हुई है।
SIR के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन, कई नेता हिरासत में
दरअसल, 10 अक्टूबर यानी शनिवार को CJP ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसलिए पहले से ही प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली की तरफ से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग (Barricading) की गई और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया।
इसी दौरान पुलिस ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कई नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इनमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन सहित विपक्षी गठबंधन के कई नेता शामिल बताए गए।
रविवार को जंतर-मंतर मार्च पर नजर
मिली जानकारी के अनुसार, अब बताया जा रहा है कि CJP के रविवार को फिर जंतर-मंतर कूच करने के ऐलान किया है। इसके बाद अब यह देखना होगा कि यह प्रदर्शन किस रूप में आगे बढ़ता है। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को अपनी प्रमुख मांग बताते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
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