Delhi Patna Bullet Train: देश में हाई स्पीड रेल नेटवर्क को विस्तार करने की दिशा में मोदी सरकार हर एक प्रयास को पूरा करने में जुटी है। दरअसल, सरकरा अब मुंबई-अहमदाबाद के बाद अब उत्तर भारत में भी बुलेट ट्रेन नेटवर्क (Bullet Train Network) विकसित करने की योजना पर जोर दे रही है। इस संदर्भ में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली से उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले प्रस्तावित हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया है। बताया जा रहा है कि इस प्रस्तावित नेटवर्क के तैयार होने के बाद दिल्ली से पटना का सफर करीब 4.5 घंटे में पूरा होगा। जहां फिलहाल इस सफर में करीब 10 से 12 घंटे या उससे अधिक समय लग सकता है।
रेल मंत्री के मुताबिक, प्रस्तावित हाई स्पीड रेल कनेक्टिविटी (High-Speed Rail Connectivity) दिल्ली को आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और आगे पटना से जुड़ेगी।
दिल्ली-यूपी के बड़े शहरों में भी लगेगा कम समय
मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रस्तावित हाई स्पीड रेल कनेक्टिविटी के बाद दिल्ली-यूपी के कई बड़े शहरों के बीच यात्रा में जहां अभी काफी अधिक समय लगता है। वही, इससे काफी कम की बचत होगी। भारत सरकार (Government of India) का लक्ष्य साफ है कि हाई स्पीड रेल के जरिए देश के प्रमुख आर्थिक और धार्मिक शहरों के बीच तेज कनेक्टिविटी विकसित हो। इसपर रेल मंत्री ने कहा है कि यह परियोजना से मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के बाद देश के हाई स्पीड रेल नेटवर्क (High-Seed Rail Network) का अगला बड़ा चरण होगा।
दिल्ली से पटना का सफर सिर्फ 4.5 घंटे में होगा
प्रस्तावित हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (Proposed High-Speed Rail Corridor) का सबसे बड़ा फायदा दिल्ली और बिहार के बीच यात्रा करने वाले लोगों को मिलेगा। रेल मंत्री के अनुसार, दिल्ली से पटना की करीब 1,170 किलोमीटर की दूरी को लगभग 4.5 घंटे में पूरा किया जा सकता है।
वहीं, जून 2026 में भी रेल मंत्रालय की ओर से दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर भी अपडेट दी गई थी और साथ ही दिल्ली से पटना के सफर को करीब 4 घंटे 41 मिनट में पूरा करने की भी जानकारी दी गई थी।
रेलवे की इस बेहतरीन कनेक्टिविटी से दिल्ली-NCR में रहने वाले बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को सबसे अधिक फायदा पहुंचेगा। खासतौर पर जो लोग रोजगार, कारोबार, शिक्षा और पर्यटन के लिए दिल्ली आते-जाते हैं। इस परियोजना से यात्रियों का समय काफी बचेगा। इसके अलावा त्योहारों के दौरान दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों को भी काफी हद तक राहत मिलेगी।
इन शहरों से होकर गुजरेगी ‘बुलेट ट्रेन’
खबरों के अनुसार, बुलेट ट्रेन के प्रस्तावित रूट में दिल्ली के बाद आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। इसके बाद हाई स्पीड रेल नेटवर्क (High-Speed Rail Network) को पटना तक जोड़नी की योजना है।
- दिल्ली से आगरा की करीब 200 किलोमीटर की दूरी 58 मिनट में पूरी की जा सकती है।
- दिल्ली से कानपुर की करीब 455 किलोमीटर की दूरी लगभग 1 घंटे 50 मिनट में तय होने का अनुमान है।
- दिल्ली से लखनऊ की 495 किलोमीटर की दूरी करीब 2 घंटे 12 मिनट में पूरी हो सकती है।
- प्रयागराज की करीब 750 किलोमीटर दूरी को लगभग 3 घंटे में और वाराणसी की 945 किलोमीटर दूरी को करीब 3 घंटे 33 मिनट में पूरा करने का अनुमान है।
- पटना तक करीब 1,170 किलोमीटर का सफर लगभग 5 घंटे में पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है।
बुलेट ट्रेन की कितनी होगी स्पीड?
हाई स्पीड रेल (High Speed Rail) की स्पीड मौजूदा सेमी हाई स्पीड ट्रेनों की तुलना में काफी अधिक बताई जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट की डिजाइन स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा और ऑपरेशनल स्पीड 320 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है। इसके मुकाबले भारत में इस समय चल रही सेमी हाई स्पीड सेवाओं की डिजाइन स्पीड करीब 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक है।
हालांकि दिल्ली-पटना कॉरिडोर के लिए अभी अंतिम परिचालन गति और पूरा शेड्यूल क्या है, इसकी अपडेट से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी नहीं मिली है। इसलिए इससे जुड़ा किसी भी तरह का अनुमान या आंकड़ा मानना सही नहीं होगा, लेकिन फिर भी बताया जा रहा है कि इसकी अधिकतम स्पीड 250 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है।
2027 में शुरू होगी देश की पहली बुलेट ट्रेन
भारत की पहली हाई स्पीड रेल सेवा मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर (Mumbai-Ahmedabad Corridor) पर शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, इस कॉरिडोर का पहला सेक्शन अगस्त 2027 में सूरत और वापी के बीच शुरू हो सकता है। इसके बाद देश में हाई स्पीड रेल नेटवर्क (High-Speed Rail Network) के विस्तार का रास्ता और मजबूत होगा।
दिल्ली से पटना तक बुलेट ट्रेन (Bullet Train) चलाने की योजना फिलहाल प्रस्तावित हाई स्पीड रेल कनेक्टिविटी का हिस्सा है। इसका मतलब साफ है कि अभी इसे पूरी तरह तैयार परियोजना या निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है। लेकिन अगर यह कॉरिडोर योजना के मुताबिक आगे बढ़ता है, तो दिल्ली, यूपी और बिहार के बीच यात्रा करने वालों को काफी हद तक राहत मिलेगी, जिससे उनका समय भी बचेगा और पैसा भी। इसके अलावा इससे कारोबार, पर्यटन और रोजगार के साथ-साथ पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी (Connectivity in North India) को बड़ा फायदा होगा।
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