Delhi Pollution: देश की राजधानी में सितंबर महीने से ही प्रदूषण को लेकर सख्ती देखने को मिलने लगी है। अक्सर दिल्ली में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण और स्मॉग की सबसे अधिक परेशानी होती है। इससे निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कई तरह के अहम फैसले लिए हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार की ओर से आदेश भी जारी कर दिए गए है, जिसके मुताबिक, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक धूल और मिट्टी उत्पन्न करने वाली गतिविधियों और निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि दिल्ली सरकार (Delhi Government) के इस अहम फैसले के तहत 1 नवंबर से प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों पर आंशिक रोक लागू हो जाएगी। यह भी बताया जा रहा है कि दिल्ली में10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक धूल-मिट्टी पैदा करने वाले निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, ताकि सर्दियों के दौरान दिल्ली में प्रदूषण का स्तर नियंत्रित में बना रह सके।
पार्किंग फीस होगी दोगुनी (Parking Fee Hike)
वहीं, प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने पर सबसे अधिक जोर दिया है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में इस दौरान अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया जाएगा। यह व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी।
हालांकि, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यानी DMRC के पार्किंग स्थलों को सरकार की इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। सरकार का मानना है कि पार्किंग शुल्क (Parking fee) बढ़ने से लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे।
50 फीसदी कर्मचारियों के लिए WFH
- दिल्ली में प्रदूषण के साथ-साथ ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम भी दिया जाएगा।
- इसके अलावा अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के समय में भी बदलाव होगा।
- MCD के अंतर्गत आने वाले कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगे।
- वहीं GNCTD के तहत आने वाले सरकारी कार्यालयों का समय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक रहेगा।
- दिल्ली में ऑफिस टाइमिंग में बदलाव का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग समय पर कर्मचारियों की आवाजाही को सड़क पर कम करना और वाहनों का दबाव कम करना है।
62 प्रदूषण और ट्रैफिक हॉटस्पॉट पर खास निगरानी
दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने प्रदूषण और ट्रैफिक जाम से प्रभावित 62 स्थानों की पहचान करके उनपर सख्ती से निगरानी करेगी। इन स्थानों की जिम्मेदारी सांसदों, विधायकों और पार्षदों को सौंपी जाएगी। साथ ही, जनप्रतिनिधि अधिकारियों और पुलिस के साथ हर सप्ताह इन इलाकों का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान सड़क की सफाई, कचरा प्रबंधन और प्रदूषण से जुड़े नियमों (Pollution-Related Regulations) के पालन की स्थिति की सही तरह से जांच भी की जाएगी।
पेट्रोल पंपों पर भी चलेगा अभियान
यह भी बताया जा रहा है कि इस बार प्रदूषण को कम करने के लिए सिर्फ वाहनों और ऑफिसों पर भी नजर नहीं रखी जाएगी, बल्कि पेट्रोल पंपों पर भी सरकार की नजर बनी रहेगी। बताया जा रहा है कि इस दौरान सरकार दिल्ली 500 ANPR कैमरों के जरिए पेट्रोल पंपों (Petrol Pumps) पर जागरूकता और जांच अभियान भी चलाएगी। जिसमें नियमों का पालन नहीं करने वाले पेट्रोल पंपों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसके अलावा, नवंबर के दौरान प्रदूषण जांच केंद्रों (Pollution Testing Centers) की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।
दिल्ली सरकार की ओर से लिए गए इन सभी फैसलों का मुख्य फोकस प्रदूषण के अलग-अलग स्रोतों पर कार्रवाई तो की जाएगी और साथ ही वाहनों की आवाजाही, निर्माण गतिविधियों, सड़क की सफाई और कचरा प्रबंधन को नियंत्रित में भी किया जाएगा।
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