Delhi Ramlila Maidan Rally 2026: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को होने वाली बड़ी रैली को दिल्ली पुलिस ने सशर्त मंजूरी दे दी है। इस रैली के आयोजन के लिए पुलिस ने 10 प्रमुख शर्तें तय की हैं, जिनका पालन करना आयोजकों के लिए अनिवार्य होगा। दरअसल, इन शर्तों में रैली के समय की सीमा, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, ट्रैफिक और पार्किंग की व्यवस्था, स्वयंसेवकों की तैनाती और भड़काऊ भाषणों पर रोक जैसे नियम हैं।
बता दें कि दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने साफतौर पर कहा है कि किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, नियमों का पालन नहीं करने पर रैली की अनुमति भी रद्द की जा सकती है।
रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होगी रैली
दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट स्थित DCP कार्यालय की ओर से 17 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में रैली को लेकर स्थिति साफ कर दी गई है। पत्र के अनुसार, कांग्रेस नेता मनीष चतरथ की ओर से 5 अक्टूबर को दिए गए आवेदन पर विचार करने के बाद कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सशर्त NOC जारी की गई है।
पुलिस के मुताबिक, रामलीला मैदान की बुकिंग 25 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक और 1 नवंबर को रैली के आयोजन से संबंधित NOC बरकरार है। हालांकि, यह अनुमति मैदान की जमीन के मालिकाना हक वाली संबंधित अथॉरिटी से जरूरी मंजूरी मिलने पर निर्भर करेगी। यानी पुलिस की NOC को जमीन से जुड़ी दूसरी जरूरी मंजूरी का विकल्प नहीं माना जा सकता।
दिल्ली पुलिस की रैली को लेकर 10 सख्त शर्तें
- शाम 5 बजे तक खत्म करना होगा कार्यक्रम: रामलीला मैदान में 1 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ही रैली आयोजित की जा सकेगी।
- मैदान में रात बिताने की इजाजत नहीं: रैली से पहले और बाद में कार्यकर्ताओं व समर्थकों के रुकने पर प्रतिबंध रहेगा।
- CCTV की नजर में रहेगा पूरा मैदान: एंट्री-एग्जिट गेट, मंच और बैठने की जगहों पर HD कैमरे लगाने होंगे। निगरानी के लिए कम से कम 5 स्क्रीन वाला कंट्रोल रूम बनाना होगा।
- व्यवस्था संभालेंगे तैनात वॉलंटियर्स: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आयोजकों को ड्रेस कोड या बैज वाले पर्याप्त स्वयंसेवक तैनात करने होंगे।
- पानी और महिलाओं के टॉयलेट की व्यवस्था जरूरी: मैदान में पर्याप्त पानी के टैंकर और महिलाओं के लिए अलग टॉयलेट ब्लॉक उपलब्ध कराना होगा।
- तय जगहों पर ही होगी पार्किंग: रैली में आने वाली बसों, कारों और अन्य वाहनों को ट्रैफिक पुलिस द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही खड़ा करना होगा।
- भड़काऊ भाषण पर तुरंत कार्रवाई: सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले भाषण की स्थिति में आयोजकों को माइक बंद कराना होगा और संबंधित वक्ता को मंच से हटाना होगा।
- मैदान से बाहर जुलूस निकालने पर पाबंदी: रैली निर्धारित परिसर के भीतर ही होगी। यहां से बाहर किसी भी दिशा में मार्च या जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा।
- अतिथियों से लेकर बसों तक का देना होगा ब्योरा: आयोजकों को अतिथियों, स्वयंसेवकों, कार्यक्रम की समय-सारणी और बसों के रजिस्ट्रेशन नंबरों की सूची पुलिस को सौंपनी होगी।
- पुलिस के आदेश मानना अनिवार्य: एसीपी, एसएचओ कमला मार्केट और ड्यूटी पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना होगा।
पुलिस की चेतावनी
शर्तों का उल्लंघन करने पर आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। नियमों की अनदेखी करने पर रैली की अनुमति तत्काल रद्द भी की जा सकती है।
ये भी पढ़ें: ‘दुनिया की बराबरी नहीं, अब भारत को करना है लीड’, युवाओं को दिया नई तकनीक विकसित करने का संदेश






