Electricity Wire Fire: गाजियाबाद के DLF दिलशाद कॉलोनी के बी-5 ब्लॉक में बिजली के जर्जर तारों में भीषण आग लग गई। इस घटना ने एक बार फिर इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसपर स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह ऐसे ही आगे भी होता रहा तो यह एक दिन बड़ा हादसा हो सकता है। वही, लोगों ने बताया कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया। घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने बिजली विभाग (Electricity Department) और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
लोगों में अफरा-तफरी मची
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बी-5 ब्लॉक के पास लगे पुराने बिजली के तारों से अचानक चिंगारियां निकलने लगीं, जिसके बाद उनमें आग लग गई। आग लगते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय निवासियों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए स्थिति को संभाला और संबंधित विभाग को सूचना दी। बताया जा रहा है कि किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन लोगों का कहना है कि यदि यह घटना रात के समय होती या आग आसपास की इमारतों तक पहुंच जाती, तो परिणाम बेहद भयावह हो सकते थे।
बिजली के तार अब सुरक्षा के लिए खतरा बनें
स्थानीय निवासी वी.के. शुक्ला का कहना है कि पूरी DLF कॉलोनी में बिजली के तार बदलने का कार्य किया जा चुका है, लेकिन उनकी गली को अब तक इस योजना से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पुराने और जर्जर तारों (Frayed Wires) को नहीं बदला गया। उनका कहना है कि वर्षों पुराने ये तार अब सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके हैं और किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
हर साल इन तारों की वजह दुर्घटना होती है
वहीं, क्षेत्र के एक अन्य निवासी के.पी. शर्मा ने कहा कि खराब बिजली तारों की समस्या नई नहीं है। उनके अनुसार, हर साल इन तारों की वजह से किसी न किसी प्रकार की दुर्घटना या तकनीकी खराबी सामने आती है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर प्रशासन और संबंधित विभाग किसी बड़े नुकसान का इंतजार क्यों कर रहे हैं। यदि समस्या पहले से ज्ञात है तो उसका स्थायी समाधान करने में देरी क्यों की जा रही है।
शिव शक्ति सोसाइटी के निवासी दीपक सिंह ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल एक गली या कुछ घरों का मामला नहीं है, बल्कि पूरी सोसाइटी की सुरक्षा (Security of Society) से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि सभी निवासियों की ओर से प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की जाती है कि इलाके की जर्जर बिजली तारों को तत्काल प्रभाव से बदला जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में ऐसी किसी लापरवाही के कारण कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। निवासियों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का मानना है कि समय रहते तारों को बदल दिया जाता तो इस तरह की घटना नहीं होती।
क्षेत्रवासियों ने बिजली तारों को लेकर प्रशासन से की अपील
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और जल्द से जल्द आवश्यक मरम्मत एवं तार बदलने का कार्य शुरू किया जाए। साथ ही उन्होंने सोसाइटी के सभी सदस्यों से इस मांग के समर्थन में एकजुट होने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि आज यह घटना बी-5 ब्लॉक के पास हुई है, लेकिन कल किसी अन्य गली या घर के सामने भी ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
इसके अलावा, स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता है। फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासन और बिजली विभाग (Electricity Department) की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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