Gold and Silver Prices Update: चांदी ने मचाया तहलका, एकदम से 60 हजार की छलांग, जानें सोने की कीमत और वजह

सोने के साथ चांदी ने मारी लंबी छलांग

Gold and Silver Prices Update: सोने और चांदी की कीमतों में इन दिनों जबरदस्त उथल-पुथल बनी हुई है। देखा जाए तो चांदी ने निवेशकों को काफी हैरान किया है। दरअसल, दो दिनों के अंदर चांदी के दाम करीब 60,000 रुपये प्रति किलो तक उछले हैं और सोना के दाम लगभग 12,000 रुपये महंगा हुआ है।

बता दें कि सोने-चांदी की कीमत (Gold and Silver Prices) में इस तेज़ी के पीछे अंतरराष्ट्रीय तनाव, डॉलर की चाल और वैश्विक बाजारों की हलचल मानी जा रही है।

सोने-चांदी की कीमत में बदलाव (Gold and Silver Price Change)

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 27 जनवरी को चांदी का भाव करीब 3.56 लाख रुपये प्रति किलो था। वही, आज 29 जनवरी तक यह बढ़कर 4.16 लाख रुपये तक पहुंच गया। यानी सिर्फ 2 दिनों में ही इनके दाम 60 हजार रुपये तक बढ़ गए। इसके अलावा, सोना की कीमत 1.68 लाख रुपये से बढ़कर 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। इस तरह से इस बार ट्रेडिंग के दौरान नया रिकॉर्ड भी बना है।

कीमतें बड़ी वजहें क्या है?

खबरों के मुताबिक, सोने-चांदी की कीमतों (Gold and Silver Prices) में तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। अमेरिकी सेना की गतिविधियां और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त बयान इसकी एक वजह है।

इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे डॉलर में मजबूती सीमित रही और धातुओं के दामों को बढ़ने में मदद मिली। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड स्तरों पर बनें।

सोना-चांदी की कीमत में तेजी बरकरार
सोना-चांदी की कीमत में तेजी बरकरार

MCX पर रिकॉर्ड तेजी हुई

  • MCX पर आज शाम तक चांदी करीब 31,000 रुपये की छलांग लगाकर 17 लाख रुपये प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई।
  • सोना करीब 9,000 रुपये चढ़कर 75 लाख रुपये पर पहुंचा और दिन में 1.80 लाख रुपये का स्तर छू लिया।

5 लाख रुपये तक जाएगी चांदी?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर इसी तरह से अमेरिका-ईरान तनाव और गहराता है, तो चांदी की कीमतें करीब 5 लाख रुपये प्रति किलो तक भी पहुंचने की पूरी संभावना जताई जा रही है। हालांकि, यह भी चेतावनी दी जा रही हैं कि चांदी की तेज़ के बाद मुनाफावसूली का खतरा भी बढ़ सकता है।

विश्व बैंक (World Bank) के कमोडिटी प्राइस आउटलुक का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 तक वैश्विक कमोडिटी कीमतों में लगभग 7% की गिरावट होने की संभावना है, जिसका कारण अधिक आपूर्ति और कमजोर मांग बताई जा रही है।

ये भी पढ़ें:  नीतीश कैबिनेट में 31 प्रस्ताव को मिली मंजूरी, 33 लाख छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ

Recent Posts