India-US trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुए बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील का फ्रेमवर्क को अब जनता के सामने पेश कर दिया गया है। दरअसल, देर रात दोनों देशों की ओर से संयुक्त बयान जारी किया गया, जिसके बाद केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता कर समझौते की प्रमुख बातों को साझा की।
बता दें कि भारत-अमेरिका के बीच इस ट्रेड डील को आर्थिक रिश्तों में एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है। ऐसे में आइए यहां जानते हैं कि किन चीजों पर जीरो ट्रैरिफ होगा।
भारत के निर्यातकों को मिलेगा सीधा लाभ
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका ने आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उनके मुताबिक, आज का दिन इस दिशा में “ऐतिहासिक” है और इसे भविष्य में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत के निर्यातकों को सीधा लाभ मिलेगा और वैश्विक बाजार (Global Market) में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा और मजबूत होगी।
रत्न और हीरे जीरो टैरिफ
भारत-अमेरिका की इस ट्रेड डील (Trade Deal) की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कई अहम उत्पादों पर शून्य प्रतिशत टैरिफ का प्रावधान है। मंत्री गोयल ने इसकी जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि रत्न और हीरे जैसे मूल्यवान उत्पादों को अमेरिका भेजने पर अब कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। इसके साथ ही भारत के लिए बेहद अहम दवा उद्योग को भी बड़ी राहत मिली है। भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाले औषधीय उत्पादों पर जीरो टैरिफ लागू रहेगा, जिससे भारतीय फार्मा कंपनियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
टेक्नोलॉजी सेक्टर, स्मार्टफोन पर शून्य टैरिफ
मंत्री गोयल ने कहा कि सिर्फ दवाइयां और हीरे ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी सेक्टर को भी इस समझौते से मजबूती मिली है। भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाले स्मार्टफोन पर भी शून्य टैरिफ जारी रहेगा। इससे ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) को बढ़ावा मिलेगा और भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में और मजबूत भूमिका निभाएगा।
कृषि क्षेत्र पर भी जीरो टैरिफ
कृषि क्षेत्र के लिए भी यह ट्रेड डील (Trade Deal) से काफी अधिक लाभ मिला है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत से अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले कई कृषि उत्पादों पर पारस्परिक रूप से शून्य टैरिफ लागू होगा।
Addressing a Press Conference on the #IndiaUSJointStatement. https://t.co/S1E3Q3Yv4K
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) February 7, 2026
इस टैरिफ में इन कृषि उत्पादों को किया शामिल
मसाले, चाय, कॉफी, उनसे बने उत्पाद, नारियल और नारियल तेल, वनस्पति मोम, सुपारी, ब्राजील नट, काजू, शाहबलूत, साथ ही कई फल और सब्जियां को शामिल किया गया हैं। इससे किसानों की आय बढ़ने और कृषि निर्यात (Agricultural Export) को नया बाजार मिलने की उम्मीद है।
मंत्री गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते में किसानों और डेयरी क्षेत्र (Farmers and dairy sector) के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि 18 प्रतिशत का जो औसत शुल्क तय हुआ है, वह भारत के पड़ोसी देशों और अन्य प्रतिस्पर्धी देशों द्वारा लगाए गए शुल्कों से कम है। इससे भारतीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार (Indian products international market) में ज्यादा आकर्षक बनेंगे।
पीयूष गोयल ने निवेशकों को संदेश देते हुए कहा कि भारत–अमेरिका ट्रेड डील (India-US trade deal) के बाद नए निवेश अवसर खुले हैं। उन्होंने उद्योग जगत और निर्यातकों से इस मौके का पूरा लाभ उठाने की अपील की। ऐसे में यह समझौता न सिर्फ व्यापार बढ़ाएगा, बल्कि रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास को भी नई गति देगा।
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