Indian Students Abroad: ईरान में बीते कुछ दिनों से लगातार हालात काफी हद तक बिगड़ते दिख रहें हैं। ऐसे में भारत सरकार ने वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस देश में लाने का फैसला लिया है। दरअसल, विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस स्थिति पर लगातार अपनी नजरें बनाए हुई है।
बता दें कि भारत सरकार ने कड़ी निगरानी में इमरजेंसी प्लान (Emergency Plan) पर काम करना शुरू कर दिया है। भारतीय नागरिकों को निकालने का पहला बैच जल्द ही एयरलिफ्ट होगा।
भारतीय छात्रों की सुरक्षा में जुटी सरकार
ईरान में हिंसक प्रदर्शनों और अस्थिर सुरक्षा के कारण भारतीय छात्रों और अन्य नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए तेहरान के भारतीय दूतावास (Indian Embassy) ने सभी भारतीयों को, खासकर छात्रों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि कई इलाकों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं ठप होने के कारण अधिकारी जमीनी स्तर पर जाकर जानकारी खुद मदद पहुंचाने में जुटे हैं। “इंटरनेट कनेक्टिविटी और टेलीकम सेवाएं (Telecom Services) भरोसेमंद नहीं हैं, इसलिए दूतावास की टीम सीधे जाकर छात्रों की पहचान कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि कौन भारत लौटना चाहता है।”

10 हजार से ज्यादा छात्र
खबरों के मुताबिक, ईरान में इस समय छात्रों सहित करीब 10 हजार से ज्यादा भारतीय नागरिक है। वहां के हालात इतने बिगड़ रह है कि इस बीच भारत सरकार ने अपने सभी नागरिकों को उपलब्ध साधनों से ईरान छोड़ने और फिलहाल गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह जारी कर दी है।
साथ ही आधिकारिक एडवाइजरी (Advisory) जारी कर अपील की है कि भारतीय नागरिकों, छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों से वे सभी कमर्शियल फ्लाइट या किसी भी उपलब्ध परिवहन माध्यम से ईरान छोड़ दें। दूतावास ने यह भी कहा है कि सभी लोग अपने पासपोर्ट, वीजा और पहचान से जुड़े जरूरी दस्तावेज अपने पास तैयार रखें। इसके अलावा, भारतीय नागरिक विरोध प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहें, पूरी सतर्कता बरतें।
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