Iran-Israel War: युद्ध की वजह से दुनिया में महंगाई का खतरा, IMF ने दी बड़ी चेतावनी

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट

Iran-Israel War: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच काफी समय से युद्ध चल रहा है, जिसका असर कई देशों पर पड़ रहा है। इन बढ़ते तनाव के चलते अन्य देशों में सिर्फ भू-राजनीतिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक संकट की स्थिति भी पैदा हो रही है। वही, हाल ही में राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी चेतावनी जारी करते हुआ कहा है कि इस युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा और आने वाले समय में महंगाई तेजी से बढ़ सकती है।

देखा जाए तो IMF की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था एक बड़े झटके के मुहाने पर खड़ी है। यदि हालात ऐसे ही बने रहते हैं, तो आने वाले कुछ ही समय में दुनिया को ‘महंगाई के तूफान’ का सामना करना पड़ सकता है, जिससे आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी हो जाएगी।

ऊर्जा संकट बढ़ने का खतरा

इस युद्ध का सबसे अधिक प्रभाव ऊर्जा वाले क्षेत्र पर पड़ रहा है। दुनिया की लगभग 25 से 30 प्रतिशत कच्चे तेल और करीब 20 प्रतिशत एलएनजी सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य से होते हुए गुजरती है। ऐसे में यह मार्ग प्रभावित होने पर एशिया और यूरोप देशों के बीच एक बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।

वही, भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति और भी चिंताजनक है। तेल की कीमतों का सीधा असर पेट्रोल-डीजल, बिजली और परिवहन लागत पर पड़ेगा, जो आम लोगों की जेब को खाली करने का काम करेंगे।

खाने-पीने की चीजें होंगी महंगी

यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ ट्रांसपोर्ट पर ही नहीं, बल्कि उत्पादन लागत पर भी इसका सीधा असर होगा और साथ ही, इससे खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी तेजी देखने को मिलेगी। IMF ने चेतावनी दी है कि उर्वरकों की कीमतें बढ़ने से कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जिससे खाद्य संकट की स्थिति पैदा हो सकती है।

दुनिया में महंगाई का खतरा
दुनिया में महंगाई का खतरा

सप्लाई चेन पर बड़ा असर

युद्ध के चलते कई समुद्री रास्तों में बदलाव किया जा रहा है, जिससे सामान की ढुलाई करने में देरी न हो और साथ ही आसानी के साथ कम लागत में मिल सके। बताया जा रहा है कि शिपिंग कंपनियों के लिए बीमा महंगा हो गया है, जिसका असर भी आम जनता पर पड़ेगा। इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र से मिलने वाले हीलियम और अन्य जरूरी संसाधनों की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। इससे सेमीकंडक्टर, मेडिकल उपकरण और औद्योगिक उत्पादन पर असर हो सकता है।

यूरोप में गैस संकट की वापसी

IMF रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोप एक बार फिर गैस संकट हो रही है। इटली और यूनाइटेड किंगडम जैसे देश इस संकट से सबसे अधिक प्रभावित है। हालांकि फ्रांस और स्पेन जैसे देशों को उनकी परमाणु ऊर्जा क्षमता के कारण कुछ हद तक राहत मिल हुई है।

शेयर बाजार और रोजगार पर असर

इस युद्ध का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर भी दिखने को मिल सकता है। तनाव के चलते शेयर बाजारों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से कर्ज लेना महंगा हो गया है। ऐसे में निवेश में कमी आने से रोजगार भी कम हो सकते हैं और बेरोजगारी भी बढ़ सकती है।

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