Kishtwar Encounter News: मुठभेड़ में जैश का टॉप कमांडर सैफुल्लाह ढेर, 2 अन्य आतंकी भी मारे गए

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Kishtwar Encounter News: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 22 फरवरी, 2026 रविवार को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान 3 आतंकवादी मारे गए, जिसमें मारे गए आतंकियों में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का टॉप कमांडर सैफुल्लाह (Jaish-e-Mohammed’s top commander Saifullah) भी शामिल है, जो लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था। बताया जा रहा है कि वह करीब 20 बार सुरक्षाबलों को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा था।

यह एनकाउंटर जम्मू-कश्मीर के जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चटरू जंगल क्षेत्र (Chatru Wilderness Area) में शुरू हुआ। सुरक्षा एजेंसियों को इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद से अभियान चलाया गया। संयुक्त ऑपरेशन में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की टीम शामिल थी।

कैसे शुरू हुई मुठभेड़?

सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम (Joint Team of Security Forces) घने जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। इसी दौरान छिपे आतंकवादियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला, जिसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी हुई। इस मुठभेड़ के दौरान एक खानाबदोश झोपड़ी में आग लग गई, जहां आतंकियों के छिपे होने की आशंका थी।

इस मामले में लगातार चली फायरिंग के बाद तीनों आतंकवादियों को मार गिराया गया है। बाद में झोपड़ी से जले हुए शव बरामद किए गए। सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से दो एके-47 राइफल (AK-47 Rifle), भारी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की है। बरामद हथियारों से संकेत मिलता है कि आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे।

घटनास्थल से दो एके-47 राइफल, भारी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद
घटनास्थल से दो एके-47 राइफल, भारी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद

इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

खबरों के अनुसार, मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि आसपास अन्य आतंकी भी छिपे हो सकते हैं। इसी कारण जंगल में ड्रोन (Drone in the Forest) और आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर कुछ रास्तों पर आवाजाही सीमित कर दी गई है और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। आम नागरिकों से अफवाहों से दूर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

चटरू क्षेत्र सबसे आतंकी खतरा

किश्तवाड़ का चटरू इलाका पहले भी आतंकी गतिविधियों के कारण खबरों में बना रहा है। घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र आतंकियों के लिए छिपने की अनुकूल जगहों में से एक है। इसी वजह से सुरक्षाबल इस क्षेत्र में समय-समय पर सर्च ऑपरेशन चलाते रहते हैं। सैफुल्लाह की मौत को सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी है। सेना की इस कार्रवाई से इलाके में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल मारे गए अन्य आतंकियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और पूरे मामले की जांच में टीम जुटी हुई है।

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