Loksabha Adjourned: स्पीकर पर कागज फेंकने पर 8 सांसद हुए निलंबित, विपक्ष ने किया विरोध प्रदर्शन

हंगामे के बाद स्थगन, संसद परिसर में गरजा विपक्ष

Loksabha Adjourned: जैसा कि आप सब लोग जानते हैं कि 1 फरवरी से लेकर 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित हो जाएंगे, फिर 9 मार्च से सदन फिर से शुरू की जाएगी, जो 2 अप्रैल को समाप्त होगी। आज लोकसभा में चर्चा का चौथा दिन था, जिसमें  कार्यवाही के दौरान जोरदार हंगामा देखने को मिला। सदन में कुछ विपक्षी सांसदों द्वारा स्पीकर की ओर कागज उछाले गए।

बता दें कि विपक्षी के इस अनुशासनहीनता को गंभीर मानते हुए लोकसभा स्पीकर ने तत्काल कार्रवाई की और कुल 8 सांसदों को निलंबित करने का फैसला सुना दिया।

इन सांसदों को किया गया निलंबित

आज की लोकसभा में निलंबित किए गए सांसदों के नाम कुछ इस प्रकार से हैं।  अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, हिबी ईडन, मणिकम टैगोर बी, गुरजीत सिंह औजला, प्रशांत यादवराव पडोळे, किरण कुमार रेड्डी, एस. वेंकटेशन और डीन कुरियाकोस हैं। इन सभी के ऊपर लोकसभा के नियम संख्या 374(2) के तहत तुरंत कार्रवाई की गई है और साथ ही उन्हें मौजूदा बजट सत्र की शेष अवधि के लिए सदन से निलंबित कर दिया।

बुधवार तक कार्यवाही स्थगित

आज के हंगामे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया है। जैसे ही सदन की कार्यवाही रुक विपक्ष तुरंत सांसद बाहर निकल आए और संसद परिसर में विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। जनकारी के लिए बता दें कि इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल थी। विपक्षी नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और निलंबन को लोकतंत्र के खिलाफ बताया।

हंगामे के बाद लोकसभा स्थगित
हंगामे के बाद लोकसभा स्थगित

विपक्ष का बयान

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा की इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला पूरी तरह से बेतुका है। लोकतंत्र में हर सांसद को अपनी बात रखने का अधिकार है और सदन में सभी की आवाज सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।

वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लोकसभा में हुई घटना को लेकर विपक्ष पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सदन में जो हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। किसी का दस्तावेज़ फाड़ना संसद की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि संसद नियमों और अनुशासन से चलती है, न कि हंगामे और अव्यवस्था से लोकसभा चलती है। यदि सदन को सुचारू रूप से चलाना है, तो सभी सदस्यों को नियमों का पालन करना होगा।

संसद का माहौल गरमा

आज के पूरे घटनाक्रम के बाद से संसद का माहौल एक बार फिर से पूरी तरह गरमा हुआ है। जहां एक ओर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बता रहा है, वहीं सरकार इसे अनुशासन बनाए रखने पर सही कार्रवाई बता रही है।

ये भी पढ़ें:   देश के इन राज्यों में 4 फरवरी तक बारिश, बर्फबारी, आंधी-तूफान और घने कोहरे की चेतावनी, जानें अपने शहर का हाल

Recent Posts