NTA Action on NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं के बाद केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव कर दिया है। दरअसल, परीक्षा प्रणाली को और भी अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एनटीए से 47 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि इनमें कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
बता दें कि भारत सरकार का यह अहम फैसला परीक्षाओं में विश्वास बहाल करने और भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो सके। इसे ध्यान में रखते हुए लिया गया है। ऐसे में आइए इस खबर से जुड़ी हर एक अपडेट यहां विस्तार से जानते हैं।
मोदी सरकार NTA को मजबूत करने में जुटी
बताया जा रहा है कि हाल ही में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी के तबादले के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक कदम है। मोदी सरकार अब एनटीए के ढांचे को पूरी तरह मजबूत करने में जुटी हुई है। ऐसे में कई तरह के सख्त कदम लगातार उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में एजेंसी में नए पदों पर नियुक्तियां भी की जा रही है।
NTA में 4 नए जनरल मैनेजर की नियुक्ति
एनटीए में अब 4 नए जनरल मैनेजर (General Manager) के पदों पर सीधी भर्ती होगी, जिन्हें परीक्षा संचालन, तकनीकी व्यवस्था, प्रशासनिक प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ऐसे में भारत सरकार का यह भी मानना है कि विशेषज्ञ अधिकारियों की नियुक्ति से एजेंसी की कार्यप्रणाली पहले से अधिक तेज, जवाबदेह और पारदर्शी बनेगी।
इसके साथ ही एनटीए की पुरानी आउटसोर्सिंग व्यवस्था को भी धीरे-धीरे खत्म कर दी जाएगी। इसकी जगह स्थायी और प्रशिक्षित अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, ताकि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही की संभावना कम हो।
UPSC प्रतिभा सेतु पोर्टल से 16 यंग प्रोफेशनल्स
एनटीए को आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में यूपीएससी के प्रतिभा सेतु पोर्टल (Setu Portal) के माध्यम से 16 यंग प्रोफेशनल्स की भर्ती होगी। इन युवाओं को सबसे पहले अकादमिक विभाग (Academic Department) में तैनात किया जाएगा। इसके अलावा जरूरत के अनुसार लीगल और फाइनेंस यूनिट में भी उनकी सेवाएं मिलेगी। वहीं, बताया जा रहा है कि युवा विशेषज्ञ नई तकनीक, डिजिटल सुरक्षा और परीक्षा प्रबंधन के आधुनिक तरीकों को लागू करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इससे परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जा सकेगा।

सिफारिशों पर हो रहा अमल
एनटीए में किए जा रहे ये सभी बदलाव प्रो. के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पर किए जा रहे हैं। इस समिति का गठन नीट परीक्षा विवाद (NEET Exam Controversy) के बाद परीक्षा प्रणाली की समीक्षा के लिए किया गया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया था कि एनटीए में विशेषज्ञ अधिकारियों की संख्या बढ़ाई जाए, आउटसोर्सिंग पर निर्भरता कम की जाए और आधुनिक तकनीक के जरिए परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया जाए। सरकार अब इन्हीं सुझावों को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है।
पेपर लीक पर सरकार की सख्त तैयारी
एनटीए हर साल नीट (NEET), जेईई (JEE), सीयूईटी (CUET) समेत 15 से 20 राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करती है। देखा जाए तो पिछले कुछ समय से पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन में गड़बड़ियों के कारण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर कई तरह के गंभीर सवाल खड़े हो गए है। ऐसे में देश के लाखों छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं और अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं।
इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने साफ किया है कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार परीक्षा सुरक्षा को लेकर तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर बड़े बदलाव कर रही है।
पीएम मोदी ने दिए सख्त कानून के संकेत
पीएम मोदी भी पहले साफ कर चुके हैं कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अपने संदेश में कहा था कि सरकार ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून ला रही है, ताकि छात्रों की मेहनत के साथ किसी भी तरह का अन्याय न हो। इसके अलावा, सरकार का यह भी कहना है कि नई नियुक्तियों, प्रशासनिक सुधारों और सख्त कानूनी व्यवस्था के जरिए परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाएगा।
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