IIT Delhi PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 8 अगस्त 2026 शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस खास मौके पर उन्होंने डिग्री हासिल करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी और साथ ही मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने युवाओं को तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इनोवेशन और रिसर्च के महत्व के बारे में विस्तार से हंसी मजाक के साथ अवगत करवाया। उनके संबोधन के दौरान एक ऐसा पल भी आया उनकी बातें सुनकर सभागार में मौजूद छात्र-छात्राएं, प्रोफेसर और अन्य अतिथि हंस पड़े।
ऐसे यहां जानें ऐसा पीएम मोदी ने क्या कहा कि आज का समारोह खबरों में बेहद चर्चा का विषय बना हुआ है।
‘मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं…’
IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में पीएम मोदी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक की क्षमताओं पर जोर देते हुए, बच्चों के साथ एक मजाक किया। उन्होंने युवाओं के रोजमर्रा के जीवन में Google और AI के बढ़ते इस्तेमाल का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज युवा किसी भी सवाल का जवाब जानने के लिए आसानी से Google या AI की मदद लेते हैं। ऐसे में उन्होंने समझाया कि तकनीक के पास बहुत सारा डेटा और जानकारी हो सकती है और AI एल्गोरिदम के आधार पर सवालों के जवाब भी दे सकता है, लेकिन किसी इंसान के मन में उस समय क्या चल रहा है, यह जानना एक अलग विषय है। इसी बात को समझाते हुए पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं…’ लेकिन आपके मन में कुछ तो चल ही रहा है। प्रधानमंत्री की यह बात सुनते ही सभागार में जोरदार ठहाके गूंजने लगे। छात्र-छात्राओं के साथ वहां मौजूद अन्य लोग भी हंसने लगे।
AI के दौर में इंसानी सोच की अहमियत
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की एक महत्वपूर्ण तकनीक बताया है। उन्होंने कहा कि AI आने वाले समय में शिक्षा, रिसर्च, इंडस्ट्री और समाज के कई क्षेत्रों में बड़े बदलाव कर सकता है। ऐसे में युवाओं के लिए AI और नई तकनीकों को समझना बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने तकनीक के इस्तेमाल के साथ जिम्मेदारी की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने युवाओं से कहा कि तकनीक का उपयोग केवल सुविधा के लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के विकास के लिए किया जाना चाहिए। AI के बढ़ते प्रभाव के बीच मानवीय सोच, रचनात्मकता और सही निर्णय लेने की क्षमता भी महत्वपूर्ण रहेगी।
Google और AI से हर सवाल का जवाब, लेकिन…
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान तकनीक और इंसानी समझ के बीच अंतर को भी सामने रखा। आज के समय में किसी भी विषय की जानकारी कुछ ही सेकंड में इंटरनेट और AI की मदद से हासिल की जा सकती है। लेकिन किसी व्यक्ति की भावनाओं, सोच और मन की स्थिति को समझना केवल डेटा और एल्गोरिदम तक ही सीमित नहीं है। इसी संदर्भ में पीएम मोदी का ‘बाबा बागेश्वर’ वाला मजाकिया अंदाज छात्रों को खूब पसंद आया।
युवाओं से इनोवेशन और रिसर्च पर जोर
पीएम मोदी ने IIT दिल्ली से डिग्री हासिल करने वाले सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस शुभ अवसर पर उन्होंने कहा कि देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों से निकलने वाले युवा भारत की बड़ी चुनौतियों का समाधान खोजने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को निभा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने छात्रों से इनोवेशन, रिसर्च और नई तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और नए विचार देश को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने में काफी मददगार साबित हो सकती है।
पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि तकनीक का असली उद्देश्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। IIT जैसे संस्थानों से निकलने वाले युवा अगर अपनी विशेषज्ञता और ज्ञान का इस्तेमाल समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने में करें, तो इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
आत्मनिर्भर और टेक्नोलॉजी से मजबूत भारत
प्रधानमंत्री ने युवाओं को भारत के भविष्य की नई ताकत बताया है और कहा है कि आने वाला समय तकनीक और इनोवेशन का ही है। ऐसे में भारत को दुनिया में नई तकनीकों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगी।
ये भी पढ़ें: ग्रामीण सहकारी बैंकों के लिए आरबीआई का नया ड्राफ्ट लागू, 3 करोड़ तक होम लोन और फ्रॉड पर लगेगा ब्रेक
IIT Delhi में PM मोदी ने कहा- ‘मैं बाबा बागेश्वर नहीं हूं…’, ठहाकों से गूंज उठा सभागार, पढ़ें पूरी खबर
IIT Delhi PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 8 अगस्त 2026 शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस खास मौके पर उन्होंने डिग्री हासिल करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी और साथ ही मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने युवाओं को तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इनोवेशन और रिसर्च के महत्व के बारे में विस्तार से हंसी मजाक के साथ अवगत करवाया। उनके संबोधन के दौरान एक ऐसा पल भी आया उनकी बातें सुनकर सभागार में मौजूद छात्र-छात्राएं, प्रोफेसर और अन्य अतिथि हंस पड़े।
ऐसे यहां जानें ऐसा पीएम मोदी ने क्या कहा कि आज का समारोह खबरों में बेहद चर्चा का विषय बना हुआ है।
‘मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं…’
IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में पीएम मोदी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक की क्षमताओं पर जोर देते हुए, बच्चों के साथ एक मजाक किया। उन्होंने युवाओं के रोजमर्रा के जीवन में Google और AI के बढ़ते इस्तेमाल का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज युवा किसी भी सवाल का जवाब जानने के लिए आसानी से Google या AI की मदद लेते हैं। ऐसे में उन्होंने समझाया कि तकनीक के पास बहुत सारा डेटा और जानकारी हो सकती है और AI एल्गोरिदम के आधार पर सवालों के जवाब भी दे सकता है, लेकिन किसी इंसान के मन में उस समय क्या चल रहा है, यह जानना एक अलग विषय है। इसी बात को समझाते हुए पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं…’ लेकिन आपके मन में कुछ तो चल ही रहा है। प्रधानमंत्री की यह बात सुनते ही सभागार में जोरदार ठहाके गूंजने लगे। छात्र-छात्राओं के साथ वहां मौजूद अन्य लोग भी हंसने लगे।
AI के दौर में इंसानी सोच की अहमियत
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की एक महत्वपूर्ण तकनीक बताया है। उन्होंने कहा कि AI आने वाले समय में शिक्षा, रिसर्च, इंडस्ट्री और समाज के कई क्षेत्रों में बड़े बदलाव कर सकता है। ऐसे में युवाओं के लिए AI और नई तकनीकों को समझना बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने तकनीक के इस्तेमाल के साथ जिम्मेदारी की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने युवाओं से कहा कि तकनीक का उपयोग केवल सुविधा के लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के विकास के लिए किया जाना चाहिए। AI के बढ़ते प्रभाव के बीच मानवीय सोच, रचनात्मकता और सही निर्णय लेने की क्षमता भी महत्वपूर्ण रहेगी।
Google और AI से हर सवाल का जवाब, लेकिन…
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान तकनीक और इंसानी समझ के बीच अंतर को भी सामने रखा। आज के समय में किसी भी विषय की जानकारी कुछ ही सेकंड में इंटरनेट और AI की मदद से हासिल की जा सकती है। लेकिन किसी व्यक्ति की भावनाओं, सोच और मन की स्थिति को समझना केवल डेटा और एल्गोरिदम तक ही सीमित नहीं है। इसी संदर्भ में पीएम मोदी का ‘बाबा बागेश्वर’ वाला मजाकिया अंदाज छात्रों को खूब पसंद आया।
युवाओं से इनोवेशन और रिसर्च पर जोर
पीएम मोदी ने IIT दिल्ली से डिग्री हासिल करने वाले सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस शुभ अवसर पर उन्होंने कहा कि देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों से निकलने वाले युवा भारत की बड़ी चुनौतियों का समाधान खोजने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को निभा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने छात्रों से इनोवेशन, रिसर्च और नई तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और नए विचार देश को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने में काफी मददगार साबित हो सकती है।
पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि तकनीक का असली उद्देश्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। IIT जैसे संस्थानों से निकलने वाले युवा अगर अपनी विशेषज्ञता और ज्ञान का इस्तेमाल समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने में करें, तो इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
आत्मनिर्भर और टेक्नोलॉजी से मजबूत भारत
प्रधानमंत्री ने युवाओं को भारत के भविष्य की नई ताकत बताया है और कहा है कि आने वाला समय तकनीक और इनोवेशन का ही है। ऐसे में भारत को दुनिया में नई तकनीकों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगी।
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