Prateek Yadav Death Case: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ब्लड क्लॉट की पुष्टि, शरीर पर मिले चोट के निशान

Prateek Yadav की अचानक हुई मौत ने हर किसी को हैरान कर दिया है। सिर्फ 38 साल की उम्र में उनका यूं अचानक चले जाना परिवार से लेकर राजनीति तक हर जगह चर्चा का विषय बना हुआ है। अब उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है और उसमें कई ऐसी बातें निकलकर आई हैं, जिनकी वजह से मामला और ज्यादा गंभीर लगने लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रतीक यादव की मौत कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स और पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म की वजह से हुई। आसान भाषा में समझें तो उनके फेफड़ों में खून के थक्के जम गए थे, जिसकी वजह से सांस लेने में परेशानी हुई और फिर हार्ट ने काम करना बंद कर दिया। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा शरीर पर मिले छह चोट के निशानों को लेकर हो रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या-क्या सामने आया ?

डॉक्टरों के मुताबिक पोस्टमार्टम के दौरान हार्ट और फेफड़ों में खून के थक्के मिले। मेडिकल टीम ने उन सैंपल्स को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है। साथ ही शरीर के अंदरूनी अंगों को भी केमिकल जांच के लिए प्रिजर्व किया गया है। बताया गया है कि शरीर पर मिले छह चोट के निशानों में से तीन चोटें करीब पांच से सात दिन पुरानी थीं, जबकि तीन चोटें एक दिन पहले की थीं। हालांकि डॉक्टरों ने अभी तक इन चोटों को मौत की वजह नहीं माना है, लेकिन सवाल यही उठ रहा है कि आखिर ये चोटें लगी कैसे?

अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत

बुधवार सुबह जब उनकी तबीयत बिगड़ी तो उन्हें तुरंत लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां पूरी मेडिकल जांच की गई। इस खबर के सामने आने के बाद परिवार और समर्थकों में शोक की लहर फैल गई। कई राजनीतिक नेताओं ने भी दुख जताया है।

सपा नेता ने उठाए गंभीर सवाल

समाजवादी पार्टी के नेता Ravidas Mehrotra ने इस मामले पर कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं लगती। उन्होंने दावा किया कि शरीर पर चोट के निशान थे और बॉडी नीली पड़ गई थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। हालांकि अभी तक डॉक्टरों या जांच एजेंसियों की तरफ से जहर मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।

चार महीने पहले हुआ था फेफड़ों का इलाज

परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि करीब चार महीने पहले प्रतीक यादव के फेफड़ों में इंफेक्शन हुआ था। उनका इलाज भी चला था और ऑपरेशन तक हुआ था। डॉक्टरों का मानना है कि कई बार लंग्स की बीमारी या बड़ी सर्जरी के बाद शरीर में ब्लड क्लॉट बनने का खतरा बढ़ जाता है उनकी मौत का असली कारण क्या था, इसका साफ जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिलेगा।

सोशल मीडिया पर तेज हुई चर्चाएं

Prateek Yadav की मौत के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की बातें चल रही हैं। कुछ लोग इसे हेल्थ इश्यू बता रहे हैं तो कुछ इसे संदिग्ध मौत मान रहे हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिना पूरी जांच रिपोर्ट आए किसी भी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं होगा। फिलहाल सभी की नजर विसरा रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

कौन थे प्रतीक यादव ?

प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहते थे और फिटनेस व बिजनेस की दुनिया में ज्यादा एक्टिव थे। सोशल मीडिया पर भी उनकी फिटनेस लाइफस्टाइल काफी चर्चा में रहती थी। वहीं उनकी पत्नी Aparna Yadav राजनीति में सक्रिय हैं और यूपी की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं।

प्रतीक यादव की मौत कई सवाल छोड़ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मेडिकल वजह सामने जरूर आई है, लेकिन शरीर पर मिले चोट के निशान और लगातार उठ रहे सवालों ने इस मामले को और रहस्यमयी बना दिया है।

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