Pulwama Attack: 14 फरवरी से पहले आतंकी खतरा बढ़ा, सीमा पर सुरक्षा हाई अलर्ट, पढ़ें पूरी खबर

BSF Alert

Pulwama Attack: पुलवामा आतंकी हमले की साजिश एक बार फिर से रची जा रही थी, लेकिन इस बार हमारे देश के सुरक्षा बलों ने इसपर कड़ी निगरानी रखते हुए, सेना ने सीमा पर हाई अलर्ट की सुरक्षा कर दी है। दरअसल, यह सुरक्षा खुफिया एजेंसियों के द्वारा दी गई थी कि इस बार आतंकी 14 फरवरी को बरसी से पहले देश की सुरक्षा को चुनौती दे सकते हैं।

बता दें कि खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Terrorist Organization Jaish-e-Mohammed) भारत में घुसपैठ की साजिश रच रहा है। खबरों के मुताबिक,  सीमा पार से दो आतंकी समूहों को भारत में दाखिल कराने की योजना बना रहे हैं, इस सूचना के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।

लॉन्च पैड पर दिखी आतंकी हलचल

खबरों के मुताबिक, जम्मू क्षेत्र के कठुआ और सांबा जिलों के सामने स्थित जफरवाल सेक्टर में आतंकियों की कुछ गतिविधि देखी गई है। बताया जा रहा है कि जैश-ए-मोहम्मद के 8 से 10 आतंकी ‘फॉरवर्ड लॉन्च पैड’ पर मौजूद हैं और अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) को पार करके भारत में घुसने की कोशिश में हैं, जब से यह सूचना सेना को मिली है, उसके बाद से सीमा से सटे इलाकों में चौकसी कई गुना बढ़ा दी गई है।

सीमा सुरक्षा और निगरानी तेज

सीमा पर खतरे को देखते हुए सुरक्षा बल (BSF), सेना और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से निगरानी को पहले से भी अधिक बढ़ा दिया है। इसके अलावा, अब बॉर्डर पर भी अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर दी गई है और जो इलाके संवेदनशील है, वह पेट्रोलिंग (Patrolling) तेज कर दी गई है। ड्रोन और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से भी सीमा क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।

पुलवामा बरसी से पहले आतंकी अलर्ट
पुलवामा बरसी से पहले आतंकी अलर्ट

अमित शाह के दौरे के बाद मिला अहम इनपुट

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जम्मू दौरे के बाद सुरक्षा एजेंसियों को यह खुफिया जानकारी मिली है। अमित शाह ने अपने दौरे के दौरान एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की थी। इस बैठक में जम्मू-कश्मीर की कानून-व्यवस्था (Law and order in Jammu and Kashmir), सीमा सुरक्षा और आतंकरोधी अभियानों की विस्तार से समीक्षा की गई थी।

हाई-लेवल मीटिंग में बनी रणनीति

इस अहम बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अलावा सेना, BSF, CRPF, Jammu and Kashmir Police, DGP और अन्य शीर्ष अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने, घुसपैठ रोकने और आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने पर जोर दिया गया। साथ ही, एंटी-टेरर ऑपरेशन्स (Anti-terror Operations) को और तेज करने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

आतंकियों की हर कोशिश होगी नाकाम

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वह सीमा पर हर एक हालातों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आतंकियों की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देंगे। पुलवामा हमले की बरसी से पहले किसी भी तरह की आतंकी वारदात को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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