Ram Mandir Trust CEO: ऑपरेशन सिंदूर में भाग ले चुके जितेंद्र मिश्रा बनें राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ, 3 नए ट्रस्टी की भी हुई नियुक्त

Ram Mandir Trust: रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र बने पहले सीईओ

Ram Mandir Trust CEO: अयोध्या स्थित राम मंदिर को लेकर ट्रस्ट की अहम बैठक में आज बुधवार के दिन कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इसी दौरान राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त कर दिया है और साथ ही ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। नए ट्रस्टियों में दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राम मंदिर (Ram Mandir) में चढ़ावे की रकम से जुड़े विवाद के बाद ट्रस्ट की व्यवस्था और प्रशासन को लेकर लगातार बैठकें हो रही थीं। इसी कड़ी में हुई बैठक में CEO की नियुक्ति और नए ट्रस्टियों के नाम पर फैसला लिया गया। ऐसे में माना जा रहा है कि नए CEO की नियुक्ति से मंदिर के प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज को अधिक व्यवस्थित करने में काफी हद तक मदद मिलेगी।

कौन हैं राम मंदिर के नए CEO जितेंद्र मिश्र?

राम मंदिर के नए CEO जितेंद्र मिश्र से जुड़ी हर एक जरूरी जानकारी और साथ ही उन्होंने अभी तक किन-किन पदों पर अपनी सेवा दी है। इसके बारे में विस्तार से यहां जानते हैं। दरअसल, रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के अनुभवी अधिकारी भी रह चुके हैं। उन्होंने भारतीय वायुसेना में 39 साल से अधिक समय तक अपनी सेवा दी है। वह एक बेहतरीन फाइटर पायलट भी रह चुके हैं। जनवरी 2025 में उन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड (Western Air Command) की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, जो भारतीय वायुसेना की एक जरूरी ऑपरेशनल कमांड (Operational Command) में से एक है।

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान भी जितेंद्र मिश्र ने वेस्टर्न एयर कमांड का नेतृत्व किया था। अब उन्हें राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

तीन नए ट्रस्टियों की भी हुई नियुक्ति

CEO की नियुक्ति के साथ राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) में तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इनमें दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव का नाम शामिल है।

  • महेश भागचंदका को विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल का रिश्तेदार बताया जाता है। वर्ष 2020 में राम मंदिर भूमि पूजन के दौरान वह मुख्य यजमान रहे थे। 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह (Ram Mandir Consecration Ceremony) में भी उन्होंने यजमान की भूमिका निभाई थी। वह लेखक भी हैं और उन्होंने अशोक सिंघल पर आधारित पुस्तक समेत कई किताबें लिखी हैं।
  • वहीं, अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद (Ram Janmabhoomi-Babri Masjid Dispute) से जुड़े मामले में मंदिर पक्ष की ओर से कानूनी टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि के पक्ष में दलीलें पेश की थीं।
  • तीसरी नई ट्रस्टी निर्मला यादव हैं, जो शिकोहाबाद से हैं।
  • ट्रस्ट में तीन पद चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे व विमलेंद्र मोहन के निधन के बाद खाली हुए थे। इन्हीं रिक्त पदों को भरने के लिए तीन नए सदस्यों की नियुक्ति की गई है।

चढ़ावा विवाद के बाद CEO की नियुक्ति

वहीं, राम मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़े विवाद के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर काफी समय से कई तरह के गंभीर आरोपों के साथ सवाल उठ रहे थे, जिसके कारण पूर्व महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपना इस्तीफा दे दिया था। इस मामले में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसी विवाद के बाद ट्रस्ट में पेशेवर प्रशासन और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए CEO नियुक्त करने की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई।

मिली जानकारी के अनुसार, CEO पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग कमेटी ने 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया। इसके बाद सिर्फ तीन नामों का पैनल ट्रस्ट के अध्यक्ष को सौंपा गया था।

CEO के पास होंगी बड़ी जिम्मेदारियां

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के अनुसार, मंदिर के प्रशासन को बेहतर तरीके से चलाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए CEO की भूमिका जरूरी होगी। नए नियमों के तहत CEO के अधिकार और जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।

CEO के पास मंदिर ट्रस्ट से जुड़े प्रशासनिक, वित्तीय और वैधानिक कामकाज की जिम्मेदारी होगी। हालांकि, CEO ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेंगे। यह भी माना जा रहा है कि इस नई व्यवस्था के तहत राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कामों को अधिक पेशेवर और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाएगा।

अखिलेश यादव ने भी दी प्रतिक्रिया

राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि चढ़ावे से जुड़े विवाद की व्यवस्था पारदर्शिता होनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो इसपर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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